दिल्लीएनसीआर के रहने वाले हैं और बाबा नीम करोली के दर्शन करना चाहते हैं. किसी वजह से नैनीताल में स्थित कैंची धाम नहीं पहुंच पा रहे हैं तो राजधानी में ही स्थित नीम करौली मंदिर जा सकते हैं. सबसे अच्छी बात है कि शहर में होते हुए भी इस मंदिर में आसपास खूब हरियाली है जिससे आपको और भी ज्यादा शांति और सुकून महसूस होगा. दिल्ली में अगर आप किसी ऐसी जगह की तलाश कर रहे हैं जहां पर आप भागदौड़ को भूलकर अंदर से शांति अनुभव कर सकें तो भी बाबा नीम करौली मंदिर आना आपके लिए कमाल एक्सपीरियंस रहेगा.

इस आर्टिकल में जानेंगे कि बाबा नीम करौली का ये आश्रम दिल्ली में कहां पर मौजूद है. आप मेट्रो से यहां कैसे पहुंच सकते हैं. इस मंदिर की खासियत क्या है. तो चलिए डिटेल में जान लेते हैं.
बाबा ने कराया था निर्माण
कहा जाता है कि नीम करौली बाबा यहां खुद आए थे. हनुमान जी की प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई थी और बाबा ने यहां आश्रम के साथ ही मंदिर का निर्माण भी सहयोग कराया था. माना जाता है कि ये मंदिर 1961 में बना था. भक्तों के बीच इस मंदिर को लेकर बेहद आस्था है.
मंदिर में क्याक्या है खास
दिल्ली में स्थित इस मंदिर में बाबा नीम करौली का विश्राम कक्ष भी बना हुआ है. इसी के साथ यहां पर बाबा की कुटिया भी बनी हुई है. इसी के साथ आपको हनुमान जी, पंचमुखी हनुमान और शिव जी के साथ ही अन्य देवीदेवताओं के दर्शन भी करने को मिलेंगे. वहीं गौशाला बनी है जहां आप गौ सेवा कर सकते हैं.
कहां पर स्थित है ये मंदिर?
नीम करौली आश्रम और गौशाला दिल्ली के ग्राम जौनापुर, महरौली में स्थित है. ये मंदिर श्री 1008 नीम करौली बाबा आश्रम के नाम से जाना जाता है. कैंची धाम नहीं जा पा रहे हैं तो इसी वीकेंड पर आप यहां आने का प्लान कर सकते हैं.
कैसे पहुंचे बाबा नीम करौली, दिल्ली?
दिल्ली के जौनापुर में स्थित बाबा नीम करौली के आश्रम पहुंचने के लिए आपको अपने पास की मेट्रो लेकर सीधे पहुंच जाना है छतरपुर. ये यलो लाइन पड़ती है. यहां पर गेट नंबर 2 से बाहर निकलने के बाद आप ऑटो रिक्शा ले सकते हैं या फिर कैब बुक कर लें. मेट्रो से आश्रम की दूरी तकरीबन 6 किलोमीटर पड़ती है. जानकारी के मुताबिक, सामान्यतः ये मंदिर सुबह 6 से दोपहर 12 और शाम को 4 से 8 बजे तक खुला रहता है. मंगलवार के दिन मंदिर में पूरे दिन किसी भी समय रात 8 बजे तक दर्शन किए जा सकते हैं.