Aparajita Plant Care Tips: के नीले और सफेद फूल देखने में बेहद खूबसूरत लगते हैं। यही वजह है कि लोग इसे घर की , आंगन, छत या गार्डन में लगाना पसंद करते हैं। धार्मिक मान्यताओं में भी अपराजिता के फूल को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि यह फूल देवताओं को प्रिय है और इसे घर में लगाने से सकारात्मकता और खुशहाली आती है। अगर आप भी चाहते हैं कि आपके घर की खूब फैले और उस पर ढेरों फूल खिलें, तो पौधा लगाने से लेकर पानी, खाद और छंटाई तक कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानते हैं अपराजिता का पौधा लगाने और उसकी देखभाल का आसान तरीका।

सही गमले का करें चुनाव
अगर आप अपराजिता को गमले में लगाने जा रहे हैं तो सबसे पहले सही गमला चुनें। इसके लिए 10 से 12 इंच का गमला पर्याप्त रहेगा। गमले के नीचे पानी बाहर निकलने के लिए ड्रेनेज होल जरूर होने चाहिए। मिट्टी भरने से पहले गमले की निचली सतह पर सूखे पत्ते या नारियल के छिलके के छोटे टुकड़े डाल सकते हैं। इससे अतिरिक्त पानी निकलने में मदद मिलेगी और मिट्टी में पानी जमा नहीं होगा।
Aparajita के लिए कैसी हो मिट्टी?
अपराजिता को ऐसी मिट्टी पसंद होती है जिसमें पानी ज्यादा देर तक जमा न रहे। मिट्टी हल्की, भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए। बहुत ज्यादा भारी या चिपचिपी मिट्टी पौधे की जड़ों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। पौधा लगाने के लिए गार्डन सॉइल, रेत, कोकोपीट और अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद को मिलाकर मिट्टी तैयार कर सकते हैं। इससे जड़ों को पर्याप्त हवा मिलेगी और पौधे की ग्रोथ भी अच्छी होगी।
बीज से ऐसे उगाएं Aparajita
अपराजिता को बीज से भी आसानी से उगाया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले स्वस्थ और अच्छे बीज चुनें। बीजों को करीब 10 से 12 घंटे पानी में भिगोकर रखें। इसके बाद गमले की नम मिट्टी में बीजों को करीब आधा से एक इंच गहराई में डालें और ऊपर से हल्की मिट्टी की परत डाल दें। मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन पानी भरने न दें। कुछ दिनों में बीज अंकुरित होने लगेंगे।
पौधे को कितनी धूप चाहिए?
अपराजिता की अच्छी ग्रोथ और ज्यादा फूलों के लिए पर्याप्त रोशनी जरूरी है। पौधे को ऐसी जगह रखें जहां उसे रोजाना करीब 3 से 4 घंटे धूप मिल सके। यह एक बेलदार पौधा है, इसलिए जैसेजैसे बेल बढ़ने लगे, उसे लकड़ी, जाली या तार का सहारा दें। इससे बेल ऊपर की ओर आसानी से फैलेगी और पौधा देखने में भी सुंदर लगेगा।
पानी और खाद का रखें ध्यान
अपराजिता को पानी देते समय सबसे जरूरी बात है कि गमले में पानी जमा न हो। खासकर बारिश के मौसम में जरूरत से ज्यादा पानी देने से जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए मिट्टी की ऊपरी सतह सूखी लगे तभी पानी दें। पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए समयसमय पर वर्मी कंपोस्ट या अन्य जैविक खाद का इस्तेमाल किया जा सकता है। जैविक खाद पौधे को पोषक तत्व देने में मदद करती है। घर में उपलब्ध कुछ जैविक चीजों जैसे चाय की इस्तेमाल की हुई पत्ती या केले के छि लके से बनी खाद का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि इन्हें सीधे ज्यादा मात्रा में जड़ों में डालने के बजाय अच्छी तरह कम्पोस्ट करके इस्तेमाल करना बेहतर है। कीटों से बचाव के लिए जरूरत पड़ने पर नीम ऑयल का हल्का स्प्रे भी किया जा सकता है।
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समयसमय पर करें कटाईछंटाई
अपराजिता एक बेलदार पौधा है, इसलिए इसकी नियमित छंटाई करना जरूरी है। सूखे या मुरझाए फूलों को समयसमय पर हटा दें। साथ ही सूखी और खराब पत्तियों व टहनियों की भी कटाई करते रहें। हल्की छंटाई से पौधे में नई शाखाएं निकलने में मदद मिलती है और बेल ज्यादा घनी हो सकती है। जरूरत के हिसाब से महीने में एक बार हल्की प्रूनिंग की जा सकती है।
इन छोटी बातों का रखें ध्यान
अगर आप चाहते हैं कि आपकी अपराजिता की बेल हरीभरी रहे और उसमें ज्यादा फूल आएं, तो अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी, पर्याप्त धूप, नियंत्रित पानी, जैविक खाद और नियमित छंटाई पर ध्यान दें। सही देखभाल के साथ अपराजिता की बेल आपके घर के छोटे से कोने को भी नीले और सफेद फूलों से खूबसूरत बना सकती है।
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