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UP Doctors Retirement: रिटायरमेंट के बाद भी जारी रहेगी डॉक्टरों की ‘ड्यूटी’, अब 70 साल तक इलाज करेंगे​

UP Doctors Retirement: में में की कमी दूर करने के लिए बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब सरकारी डॉक्टर Retirement के बाद भी 70 साल की उम्र तक अस्पतालों में अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे। इसके लिए उन्हें पुनर्नियुक्ति दी जाएगी। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के डॉक्टर फिलहाल 62 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त […]

UP Doctors Retirement: में में की कमी दूर करने के लिए बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब सरकारी डॉक्टर Retirement के बाद भी 70 साल की उम्र तक अस्पतालों में अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे। इसके लिए उन्हें पुनर्नियुक्ति दी जाएगी।

प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के डॉक्टर फिलहाल 62 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त होते हैं। इसके बाद उन्हें तीन साल के लिए यानी 65 वर्ष की उम्र तक पुनर्नियुक्ति के तहत सेवा का मौका मिलता है। इस दौरान डॉक्टरों को प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं दी जाती, बल्कि वे मुख्य रूप से मरीजों के इलाज और चिकित्सा परामर्श का काम करते हैं। अब सरकार पुनर्नियुक्ति की उम्र सीमा को बढ़ाकर 70 वर्ष करने की तैयारी में है। ने इस संबंध में आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही अपर मुख्य सचिव स्तर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी होने की उम्मीद है।

अनुभवी डॉक्टरों का मिलेगा सीधा फायदा

उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर इस व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे सरकारी अस्पतालों के साथसाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता बेहतर होगी। खास तौर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे अस्पतालों को इस फैसले से राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय तक सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में काम कर चुके डॉक्टरों का अनुभव मरीजों के इलाज में भी काम आएगा।

डॉक्टरों की कमी का दबाव होगा कम

प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग में चिकित्सा अधिकारी और विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल होते हैं। ये डॉक्टर सरकारी अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में मरीजों को इलाज और दूसरी जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, योग्य और अनुभवी डॉक्टरों को सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवा का मौका देने से उनकी विशेषज्ञता का लाभ मरीजों को मिलता रहेगा। साथ ही अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी का दबाव भी कम होगा।

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जल्द जारी होगा आदेश

स्वास्थ्य विभाग ने 70 वर्ष की उम्र तक डॉक्टरों की पुनर्नियुक्ति से जुड़ा आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अपर मुख्य सचिव स्तर से जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी किया जा सकता है। सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से अनुभवी चिकित्सकों की सेवाएं लंबे समय तक उपलब्ध रहेंगी और मरीजों को बेहतर इलाज एवं विशेषज्ञ परामर्श मिल सकेगा।

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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