रविवार, 30 अगस्त 2026 ब्रेकिंग
कार की बैटरी ने बीच रास्ते दिया धोखा? ऐसे कुछ मिनटों में करें जंप स्टार्ट​ | September Rule Changes: 1 सितंबर से बदल जाएंगे ये 5 बड़े नियम, LPG से लेकर कार और एयरपोर्ट तक पड़ेगा असर​ | Actor Chandrachud Singh ने Aligarh में दर्ज कराई FIR, रिश्तेदारों पर लगा Property Dispute में धोखाधड़ी का आरोप​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Dharam

Kajri Teej 2026: जानिए चंद्रमा को Arghya देने का धार्मिक महत्व और Marital Bliss के लिए पारंपरिक पूजा विधि​

कल यानी 31 अगस्त 2026, सोमवार को कजरी तीज का व्रत रखा जाएगा। हिंदू धर्म में इस व्रत की खास महत्व है। कजरी तीज को कजली या सातुड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। सुहागिन महिलाओं के लिए यह बेहद ही खास पर्व है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुखी […]

कल यानी 31 अगस्त 2026, सोमवार को कजरी तीज का व्रत रखा जाएगा। हिंदू धर्म में इस व्रत की खास महत्व है। कजरी तीज को कजली या सातुड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। सुहागिन महिलाओं के लिए यह बेहद ही खास पर्व है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और संतान की खुशहाली की कामना करती हैं और निर्जला व्रत रखती हैं। कजरी तीज व्रत में चंद्रदेव की पूजा और उन्हें अर्घ्य देने का विशेष महत्व बताया गया है।
कजरी तीज पर चंद्रमा को अर्घ्य क्यों दिया जाता है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। चंद्रदेव शीतलता, सौंदर्य और भावनाओं से जुड़े माने जाते हैं। कजरी के दिन चंद्रमा की पूजा करने से मन को शांति और पॉजिटिव ऊर्जा प्राप्त होगी। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं। शाम के समय नीमड़ी माता की पूजा की जाती है और इसके बाद रात को चंद्रमा के दर्शन किए जाते हैं। चंद्रमा को अर्घ्य देने और पूजा करने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है।
वैवाहिक जीवन में आती है मधुरता
माना जाता है कि कजरी तीज पर चंद्रदेव को जल अर्पित करने से दांपत्य जीवन में मधुरता बनीं रहती है। चंद्रमा मन और भावनाओं के कारण माने जाते हैं, इसलिए उनकी पूजा पतिपत्नी के बीच भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करने वाली मानी जाती है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्रदेव की कृपा से घरपरिवार में सुखशांति बनी रहती है और दांपत्य जीवन से जुड़े तनाव कम होते हैं। इसी कारण से सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए चंद्रमा को अर्घ्य दें।
जानें चंद्रमा को सही अर्घ्य देने की विधि
कजरी तीज पर रात में चंद्रमा के दर्शन होने के बाद एक लोटे में साफ जल लें। इसमें थोड़ा कच्चा दूध, रोली, अक्षत और दूर्वा मिला लें। अब चंद्रमा की तरफ मुख करके श्रद्धापूर्वक जल अर्पित करें।
 अर्ध्य देते समय चंद्रदेव का ध्यान करें और अपनी मनोकामना कहें। फिर चंद्रमा के मंत्रों का जाप करें और पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की समृद्धि की प्रार्थना करें। 
 वैसे अलगअलग जगहों पर इस व्रत को लेकर अलग ही रिवाज हैं। यदि आपके यहां चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है, तो ऊपर बताई हुई विधि का प्रयोग करें। 
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY