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किडनी में पथरी या यूरिन इन्फेक्शन…दोनों दिक्कतों में फर्क कैसे करें, एक्सपर्ट से जानें​

शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम किडनी का है. अगर इसकी सेहत बिगड़ी हो तो कई दूसरी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. वैसे किडनी से जुड़ी सबसे कॉमन प्रॉब्लम इसमें होने वाली पथरी है. पानी कम पीना या दूसरी वजहों से किडनी में या इसके आसपास पथरी हो जाती है. ऐसा होने […]

शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम किडनी का है. अगर इसकी सेहत बिगड़ी हो तो कई दूसरी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. वैसे किडनी से जुड़ी सबसे कॉमन प्रॉब्लम इसमें होने वाली पथरी है. पानी कम पीना या दूसरी वजहों से किडनी में या इसके आसपास पथरी हो जाती है. ऐसा होने पर यूरिन पास न कर पाना, ब्लड आना और बहुत तेज दर्द जैसे लक्षण नजर आने लगते हैं. इनमें से एक कुछ लक्षण यूरिन इंफेक्शन से भी मिलते जुलते हैं.

महिलाओं में यूरिन इंफेक्शन को यूटीआई पुकारा जाता है. अगर ये दोनों दिक्कतें होती हैं तो यूरिन न आना और जलन जैसे कॉमन लक्षण नजर आते हैं. इन दोनों के लक्षणों में फर्क कैसे करें और इनसे बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं…

एक्सपर्ट ने क्या कहा?

डॉ. जितेंद्र कुमार कहते हैं कि किडनी में अगर पथरी हो और यूरिन इंफेक्शन की शिकायत है तो कंडीशन में लगातार दर्द का होना और यूरिन में जलन होती है. फिर सवाल उठता है कि दोनों दिक्कतों में फर्क कैसे पता करें. कैसे अंदाजा लगाएं कि क्या हुआ है? ये डिपेंड करता है कि पेशेंट को इंफेक्शन है कहां पर? अगर किडनी से जुड़ी दिक्कत है तो इसके आसपास दर्द जरूर होगा. ये दर्द आमतौर पर पीठ में दोनों रीढ़ की हड्डियों के अगल और बगल पर होता है. इस दर्द को छूते ही हद से ज्यादा तकलीफ होती है और इसे किडनी का टेंडर होना कहते हैं.

किडनी में इन्फेक्शन कब खतरनाक हो जाता है?

डॉक्टर जितेंद्र ने बताया अगर किडनी में इंफेक्शन हो तो ये सिचुएशन बहुत खतरनाक हो जाती है. इस कंडीशन में 102104 बुखार आता है. मरीज की स्थिति टॉक्सिक हो जाती है. स्ट्रांग एंटीबायोटिक देनी पड़ती है और ये दो से तीन हफ्ते तक चलती है. कई मामलों में ऑपरेशन करके किडनी के पास से पस को बाहर निकालना पड़ता है.

किडनी में स्टोन

डॉक्टर कहते हैं कि ये इस पर डिपेंड करता है कि पथरी यूरिन पास करने के एरिया में कहां पर है. पथरी जहां है वहां पर दर्द हद से ज्यादा होता है और इसे कोलिगी पेन कहते हैं. पथरी होने पर हल्का ब्लड भी आ सकता है. लेकिन अगर पथरी पेशाब के रास्त में फंसी हुई है तो इस कंडीशन में बुखार नहीं आता. पथरी का साइज, उसकी शेप और वो कहां है, इन सब चीजों का ध्यान रखना जरूरी है.

पथरी के लिए अल्ट्रासाउंड किया जाता है. स्टोन में भी खून और यूरिन की जांच होती है. यूरिन में देखा जाता है कि उसमें क्रिस्टल तो नहीं आ रहे हैं और खून में देखा जाता है कि कैल्शियम या यूरिक एसिड तो नहीं बढ़ गया है.

भूल से भी न करें ये गलती

डॉक्टर के मुताबिक अगर इंफेक्शन ब्लैडर में है तो पेट के निचले हिस्से में दर्द होगा. ये संक्रमण यूरिन एरिया में है तो जहां से यूरिन पास होता है वहीं दर्द होगा. इंफेक्शन का दर्द आमतौर पर लगातार बना रहता है, यूरिन में जलन होती है और सबसे बड़ा लक्षण है तेज बुखार का होना. यूरिन इंफेक्शन है तो इसके लिए कल्चर या रूटीन यूरिन टेस्ट कराया जाता है.

इन दोनों कंडीशन में खुद का डॉक्टरी इलाज करना भारी पड़ सकता है. अगर सही इलाज मिल जाए तो इन दोनों कंडीशन का परमानेंट सॉल्यूशन किया जा सकता है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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