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Sugar Stock Limit Order: चीनी कारोबारियों के लिए भारत सरकार के सख्त आदेश, 15 दिन से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे कारोबारी, इस दिन से होगा लागू​

Sugar Stock Limit Order: बीते दिनों से चीनी यानी शहर की कीमतों में भारी उछाल आया है। एक सप्ताह में शकर के रेट 15 रुपए तक बढ़ गए हैं।  इसी बीच भारत सरकार ने चीनी कारोबारियों के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं। जिसके अनुसार चीनी कारोबारी एक महीने में 10 मीट्रिक टन से ज्यादा […]

Sugar Stock Limit Order: बीते दिनों से चीनी यानी शहर की कीमतों में भारी उछाल आया है। एक सप्ताह में शकर के रेट 15 रुपए तक बढ़ गए हैं।  इसी बीच भारत सरकार ने चीनी कारोबारियों के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं। जिसके अनुसार चीनी कारोबारी एक महीने में 10 मीट्रिक टन से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख पाएंगे। यानी अब स्टॉक की लिमिट तक कर दी गई है। इसके लिए सरकारी अधिसूचना भी जारी की गई है। यह आदेश कब से कब तक लागू होगा जानते हैं। 

सितंबर से नवंबर तक त्योहार ही त्योहार 

आपको बता दें भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ये आदेश 1 सितंबर से 30 नवंबर तक के लिए लागू रहेगा। जब डीलर 15 दिनों से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। गौरतलब है अगस्त से नवंबर के बीच त्योहार ही त्योहार हैं। इस दौरान गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के कारण चीनी की मांग बढ़ती है। इस दौरान बिस्कुट और कन्फेक्शनरी कंपनियां पहले से स्टॉक बढ़ाती हैं। यही कारण है कि सरकार ने ये आदेश जारी किया है।

चीनी स्टॉक पर किस कारण लिया गया फैसला? 

सरकार के अनुसार चीनी कीमतों पर लगाम लगाने के लिए नया आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के तहत, 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का उपयोग करने वाले डीलर 15 दिन से ज्यादा स्टॉक नहीं रख पाएंगे। यह सरकारी आदेश बुधवार को सामने आया। नियम 1 सितंबर से लागू होगा और 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा।

बढ़ जाती है मांग 

आपको बता दें भारत में अगस्त से नवंबर तक चीनी की मांग हमेशा बढ़ जाती है। इसका कारण इस बीच आने वाले त्योहार हैं। गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारी सीजन पर घरों के साथ साथ मिठाई की दुकानों पर भी डिमांड बढ़ती है। बिस्किट और कन्फेक्शनरी निर्माता जैसे थोक उपभोक्ता त्योहारों से पहले स्टॉक बनाते हैं। अनियमित बारिश और शुष्क मौसम ने गन्ने की फसल को प्रभावित किया है। 

 

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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