प्रोटीन एक ऐसा पोषक तत्व है जो अमीनो एसिड से मिलकर बनता है. इससे बॉडी के सेल्स, मांसपेशियां, स्किन, हेयर, नाखून और कई दूसरे अंग बनते हैं. साथ ही ये इनके रिपेयर और सही तरीके से काम करने में भी अहम रोल निभाता है. लेकिन इसके इंटेक को लेकर कई तरह के कंफ्यूजन बने रहते हैं. आजकल एक बात बहुत सुनने को मिलती है कि जितना ज्यादा प्रोटीन खाओगे, उतना ज्यादा फिट रहोगे. लेकिन सच यह है कि हर अच्छी चीज की भी एक सही मात्रा होती है और प्रोटीन भी उससे अलग नहीं है.

प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि इससे मसल्स बनती हैं और ये रिपेयर होती है. लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि जितना ज्यादा प्रोटीन खाएंगे, उतना ज्यादा फायदा होगा.
अगर आप पूरी तरह स्वस्थ हैं तो कुछ समय तक हाई प्रोटीन डाइट लेना आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है. हालांकि, अगर लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लिया जाए, खासकर रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट से तो दिक्कत हो सकती है. इससे शरीर में सैचुरेटेड फैट भी ज्यादा जाता है, जो दिल की सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता.
प्रोटीन इंटेक पर एक्सपर्ट की राय
किडनी की बीमारी वाले रहें अलर्ट ऋचा शर्मा सीनियर का कहना है कि जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी है, उन्हें ज्यादा प्रोटीन लेने से बचना चाहिए क्योंकि इससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. कुछ रिसर्च में यह भी देखा गया है कि बहुत ज्यादा एनिमल प्रोटीन लेने से किडनी स्टोन का खतरा बढ़ सकता है.
हाई प्रोटीन पर फोकस करना गलत एक और गलती लोग अक्सर कर देते हैं. पूरा फोकस सिर्फ प्रोटीन पर कर लेते हैं और फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें कम कर देते हैं. ऐसे में शरीर को फाइबर, विटामिन और मिनरल्स कम मिलने लगते हैं. फिर कब्ज जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं और पूरी डाइट का बैलेंस बिगड़ जाता है. एक्सपर्ट कहती हैं कि सिर्फ ज्यादा प्रोटीन खाने के पीछे मत भागिए. अपनी उम्र, रोज की एक्टिविटी और हेल्थ के हिसाब से जितनी जरूरत है, उतना ही प्रोटीन लीजिए.
ऐसा रखें खानपान साथ ही कोशिश कीजिए कि प्रोटीन सिर्फ एक ही चीज से न आए. दालें, बीन्स, नट्स, डेयरी, अंडे, मछली जैसे अलग अलग स्रोतों को अपनी डाइट में शामिल करें. आखिर में, अच्छी सेहत का मतलब सिर्फ ज्यादा प्रोटीन नहीं, बल्कि एक संतुलित और पूरी डाइट है.