गुरुवार, 23 जुलाई 2026 ब्रेकिंग
आखिरकार पेपर लीक पर टूटी पीएम मोदी की चुप्पीः बोली ये बात-आप भी जानें​ | ग्रेटर नोएडा वेस्ट वालों का इंतजार खत्म! सेक्टर-51 से गौर चौक तक दौड़ेगी मेट्रो, बस अंतिम मुहर लगना बाकी, देखें पूरा रूट​ | दिल्ली में फिर बवाल! हंगामे के बाद CJP की शांति की अपील, जंतर-मंतर पर हाई अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर पुलिस​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Automobile

क्या कार में किसी भी कलर का कूलेंट डाल सकते हैं? लाल, हरा और नीले कूलेंट को लेकर दूर करें अपना भ्रम​

कार के इंजन को लंबे समय तक बेहतर स्थिति में बनाए रखने के लिए कूलेंट की अहम भूमिका होती है. यह इंजन के तापमान को कंट्रोल रखता है और उसे जरूरत से ज्यादा गर्म होने से बचाता है. हालांकि, कई वाहन मालिक कूलेंट बदलते समय ऐसी गलती कर बैठते हैं, जिससे इंजन और कूलिंग सिस्टम […]

कार के इंजन को लंबे समय तक बेहतर स्थिति में बनाए रखने के लिए कूलेंट की अहम भूमिका होती है. यह इंजन के तापमान को कंट्रोल रखता है और उसे जरूरत से ज्यादा गर्म होने से बचाता है. हालांकि, कई वाहन मालिक कूलेंट बदलते समय ऐसी गलती कर बैठते हैं, जिससे इंजन और कूलिंग सिस्टम दोनों प्रभावित हो सकते हैं. सबसे आम गलती अलगअलग प्रकार या रंग के कूलेंट को बिना जांचे एक साथ इस्तेमाल करना है.

केमिकल रिएक्शन होने का खतरा

अक्सर लोगों को लगता है कि कूलेंट का कलर केवल पहचान के लिए होता है, इसलिए किसी भी कलर का मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन वास्तविकता इससे अलग है. अलगअलग कलर के कूलेंट की रासायनिक संरचना अलग हो सकती है. अगर इन्हें आपस में मिला दिया जाए, तो इनके बीच केमिकल रिएक्शन होने का खतरा रहता है. इससे स्लज बन सकता है, जो रेडिएटर, पाइप और इंजन के कूलिंग सिस्टम में रुकावट जनरेट कर सकता है.

नया कूलेंट भरने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अगर आपकी कार में पहले से हरे कलर का कूलेंट मौजूद है, तो उसी प्रकार का कूलेंट दोबारा डालना बेहतर माना जाता है. इसी तरह लाल, नीले या किसी अन्य रंग के कूलेंट के मामले में भी कंपनी द्वारा सुझाए गए ऑप्शन का ही इस्तेमाल करना चाहिए. अगर किसी वजह से कूलेंट का प्रकार बदलना हो, तो पहले पूरे कूलिंग सिस्टम को अच्छी तरह फ्लश करना जरूरी है. इसके बाद ही नया कूलेंट भरना चाहिए, ताकि पुराने और नए फ्लूइड के मिश्रण से कोई समस्या न हो.

कूलेंट का काम

कूलेंट केवल को ठंडा रखने का काम नहीं करता, बल्कि यह इंजन के अंदर जंग लगने से भी बचाता है. साथ ही इसके इस्तेमाल से इंजन के धातु वाले हिस्सों पर घिसावट कम होती है और कूलिंग सिस्टम की काम लंबे समय तक बनी रहती है. यही वजह है कि समयसमय पर कूलेंट की जांच और जरूरत पड़ने पर उसका बदलाव जरूरी माना जाता है.

मार्केट में कई कलर के कूलेंट मिलते हैं

मार्केट में हरा, लाल, नीला, पीला, नारंगी और बैंगनी जैसे कई कलर के कूलेंट उपलब्ध हैं. हालांकि, सही कूलेंट का चुनाव केवल कलर देखकर नहीं करना चाहिए. हर वाहन के इंजन की जरूरत अलग होती है, इसलिए उपयुक्त कूलेंट का चयन कार के मॉडल, निर्माण वर्ष और निर्माता की सिफारिश के अनुसार ही करना चाहिए. सही जानकारी के लिए हमेशा वाहन की यूजर मैनुअल देखें और उसी स्पेसिफिकेशन वाला कूलेंट इस्तेमाल करें, जिससे इंजन सेफ और बेहतर परफॉर्म करता रहे.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY