Property Purchase Tips: भोपाल में 2 प्रॉपर्टी डीलर्स ने संपत्ति पर कब्जा करने के लिए बुजुर्ग दंपति की हत्या की साजिश रच डाली। आरोपियों ने पहले धोखाधड़ी करके दंपती के मकान का दान पत्र अपने नाम कराया। फिर पूरी संपत्ति हड़पने के लिए वारदात को अंजाम दिया। भोपाल के दंपती हत्याकांड से सीख लेने की जरूरत है ताकि प्रॉपर्टी के मामले में आप धोखाधड़ी से बच सकें।

1. कानूनी और टाइटल जांच
टाइटल डीड
विक्रेता के पास संपत्ति का वैध स्वामित्व है या नहीं, इसकी पुष्टि करने के लिए पिछले 10 से 15 सालों के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों की जाँच करें।
एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट
संपत्ति के रजिस्ट्री कार्यालय से पिछले 1015 सालों का EC प्राप्त करें। इससे पता चलता है कि संपत्ति पर कोई ऋण , बंधक , विवाद या अन्य कानूनी दावा तो नहीं है।
वसीयत या उत्तराधिकार
यदि संपत्ति विरासत में मिली है तो यह सुनिश्चित करें कि सभी कानूनी उत्तराधिकारियों ने अपनी सहमति दे दी है।
2. सरकारी और स्थानीय सत्यापन
म्यूटेशन
राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में यह जाँच करें कि संपत्ति किसके नाम दर्ज है।
अप्रूव्ड प्लान और नक्शा
यदि आप फ्लैट या घर खरीद रहे हैं तो स्थानीय विकास प्राधिकरण से स्वीकृत नक्शे की जाँच करें।
भूमिउपयोग
मास्टर प्लान में जांच करें कि जिस जमीन को आप खरीद रहे हैं वो आवासीय है या व्यावसायिक ।
3. वित्तीय पारदर्शिता
भुगतान का तरीका
कभी भी नकद में बड़ा भुगतान न करें। सभी भुगतान चेक, बैंक ट्रांसफर या अन्य डिजिटल माध्यमों से करें, ताकि लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।
हमेशा चेक, डिमांड ड्राफ्ट या RTGS/NEFT के माध्यम से भुगतान करें ताकि आपके पास पक्का रिकॉर्ड हो।
मूल्य और छिपे हुए शुल्क
प्रॉपर्टी की कुल कीमत के अलावा प्रॉपर्टी खरीदने, रजिस्ट्री, लोन प्रोसेसिंग और रखरखाव से संबंधित खर्चों का पहले से स्पष्ट हिसाब रखें।
4. अनुबंध और पंजीकरण
बयाना अनुबंध
संपत्ति बुक करते या खरीदते समय एक लिखित बयाना/एग्रीमेंट तैयार करें, जिसमें कुल मूल्य, बयाना राशि और रजिस्ट्री की आखिरी तारीख स्पष्ट रूप से दर्ज हो।
पंजीकरण
संपत्ति का हस्तांतरण हमेशा सबरजिस्ट्रार कार्यालय में कानूनी रूप से पंजीकृत कराएं। सिर्फ नोटरी या स्टांप पर लिखा एग्रीमेंट मालिकाना हक नहीं होता।
5. दस्तावेजों की लिस्ट
सौदा करने से पहले सभी मुख्य दस्तावेजों की मूल प्रतियां जरूर देखें।
बिक्री विलेख
नवीनतम संपत्ति कर की रसीद
बिजली पानी के बिल
सोसायटी से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट
वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष प्रावधान
यदि संपत्ति हड़पने वाला व्यक्ति आपका बेटाबेटी या रिश्तेदार है और आपकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है, तो आप मातापिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरणपोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 का उपयोग कर सकते हैं।
इस कानून के तहत आप SDM या जिलाधिकारी के समक्ष आवेदन देकर अपनी संपत्ति वापस पा सकते हैं और दोषी व्यक्ति को संपत्ति से बेदखल कराने की मांग कर सकते हैं।
सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर करें
संपत्ति का अधिकार
यदि विवाद बहुत जटिल है या संपत्ति पुश्तैनी है और उस पर अवैध कब्जा हो गया है, तो कब्जा वापस लेने के लिए सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर करें।
स्थगन आदेश
यदि आप कोर्ट से स्टे ऑर्डर की मांग कर सकते हैं, ताकि आरोपी व्यक्ति आपकी संपत्ति को बेच, हस्तांतरित या किसी अन्य व्यक्ति के नाम न कर सके।
कब्जे का दावा
आप विशिष्ट राहत अधिनियम की धारा 5 और 6 के तहत संपत्ति का कब्जा वापस पाने के लिए मुकदमा दायर कर सकते हैं।
वसीयत या दस्तावेजों को चुनौती दें
यदि रिश्तेदार या किसी व्यक्ति ने जाली वसीयत , फर्जी दस्तावेज या धोखाधड़ी से संपत्ति हड़पी है तो आप सिविल कोर्ट में उन दस्तावेजों को चुनौती देकर उन्हें रद्द करने का केस दायर कर सकते हैं।
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