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घर खरीदना हो या डेट पर जाना, दिल्ली सबसे किफायती! सैलरी पर रिपोर्ट ने किया बड़ा खुलासा​

देश की राजधानी दिल्ली को दुनिया के प्रमुख शहरों में सबसे किफायती शहरों में गिना गया है. एक वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, डेट पर जाने, ब्रॉडबैंड इंटरनेट का इस्तेमाल करने और घर खरीदने के लिहाज से दिल्ली दुनिया के बड़े शहरों में सबसे सस्ती जगहों में शामिल है. हालांकि, रिपोर्ट का दूसरा पहलू यह भी […]

देश की राजधानी दिल्ली को दुनिया के प्रमुख शहरों में सबसे किफायती शहरों में गिना गया है. एक वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, डेट पर जाने, ब्रॉडबैंड इंटरनेट का इस्तेमाल करने और घर खरीदने के लिहाज से दिल्ली दुनिया के बड़े शहरों में सबसे सस्ती जगहों में शामिल है. हालांकि, रिपोर्ट का दूसरा पहलू यह भी है कि यहां औसत वेतन दुनिया के प्रमुख शहरों की तुलना में काफी कम है. यानी दिल्ली में खर्च भले कम हो, लेकिन लोगों की आय भी अपेक्षाकृत कम होने से उनकी वास्तविक खरीद क्षमता प्रभावित होती है.

डेट और इंटरनेट पर सबसे कम खर्च

डॉयचे बैंक की ‘मैपिंग द वर्ल्ड्स प्राइसेज़ 2026’ रिपोर्ट में 69 बड़े वैश्विक शहरों की तुलना की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में एक सामान्य डेट पर होने वाला खर्च दुनिया के प्रमुख शहरों में सबसे कम है. वहीं, ब्रॉडबैंड इंटरनेट की मासिक लागत भी सबसे कम शहरों में शामिल है. इससे यह साफ होता है कि रोजमर्रा की कई सेवाएं दिल्ली में अन्य अंतरराष्ट्रीय शहरों की तुलना में काफी सस्ती हैं.

प्रॉपर्टी खरीदने के लिहाज से भी किफायती

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में घर खरीदने की लागत भी न्यूयॉर्क, लंदन, सिंगापुर, हांगकांग और ज्यूरिख जैसे शहरों की तुलना में काफी कम है. हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में दिल्लीएनसीआर में रियल एस्टेट की कीमतों में तेजी आई है, फिर भी वैश्विक स्तर पर यह शहर अब भी अपेक्षाकृत किफायती माना जाता है. यही वजह है कि पहली बार घर खरीदने वालों के लिए दिल्ली कई विकसित देशों के शहरों से बेहतर विकल्प साबित हो सकती है.

कम सैलरी बनी बड़ी चुनौती

जहां खर्च कम है, वहीं रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दिल्ली में औसत मासिक वेतन दुनिया के बड़े शहरों की तुलना में काफी कम है. कम आय के कारण लोगों की बचत और निवेश की क्षमता प्रभावित होती है. विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी शहर की वास्तविक आर्थिक स्थिति का आकलन केवल कम कीमतों से नहीं किया जा सकता. लोगों की आय और खर्च के बीच संतुलन भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है.

जीवन की गुणवत्ता पर भी असर

रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि जीवन की गुणवत्ता केवल सस्ती वस्तुओं या सेवाओं पर निर्भर नहीं करती. बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छ वातावरण, रोजगार के अवसर और आय का स्तर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. दिल्ली में रहने की लागत भले ही कम हो, लेकिन प्रदूषण, ट्रैफिक और कम वेतन जैसी चुनौतियां लोगों के जीवन स्तर को प्रभावित करती हैं.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि दिल्ली की सबसे बड़ी ताकत इसकी कम जीवनयापन लागत है, लेकिन यदि आय में समान अनुपात में वृद्धि नहीं होती है तो इसका लाभ सीमित रह जाता है. आने वाले वर्षों में रोजगार, वेतन और बुनियादी सुविधाओं में सुधार होने पर दिल्ली वैश्विक स्तर पर रहने और काम करने के लिए और अधिक आकर्षक शहर बन सकती है. फिलहाल यह रिपोर्ट राजधानी की उस तस्वीर को सामने लाती है, जहां कम खर्च और कम आय दोनों साथसाथ मौजूद हैं.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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