मुकेश अंबानी की अगुवाई वाले रिलायंस समूह की कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने वित्त वर्ष 202627 की पहली तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं. कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 156% बढ़कर 830 करोड़ रुपये पहुंच गया. पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 325 करोड़ रुपये था. मजबूत लोन ग्रोथ, डिजिटल पेमेंट्स और एसेट मैनेजमेंट कारोबार में तेजी के दम पर कंपनी ने यह प्रदर्शन किया.

रेवेन्यू में 227% की जबरदस्त बढ़ोतरी
जियो फाइनेंशियल की ऑपरेशंस से आय भी पहली तिमाही में जोरदार बढ़ी. कंपनी का रेवेन्यू 227% बढ़कर 2,004 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 612 करोड़ रुपये था. वहीं, डिविडेंड आय को छोड़कर कुल आय 141% बढ़कर 1,496 करोड़ रुपये रही. प्रीप्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी बढ़कर 505 करोड़ रुपये हो गया.
लोन कारोबार में तेजी बनी सबसे बड़ी ताकत
कंपनी की गैरबैंकिंग वित्तीय कंपनी का कारोबार लगातार मजबूत हो रहा है. पहली तिमाही में एसेट अंडर मैनेजमेंट बढ़कर 30,667 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में करीब 2.6 गुना अधिक है. कंपनी ने लोन डिस्बर्समेंट में भी मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की, जिससे उसके वित्तीय कारोबार को नई रफ्तार मिली.
JioBlackRock और डिजिटल बिजनेस का भी मिला फायदा
जियो फाइनेंशियल के एसेट मैनेजमेंट जॉइंट वेंचर JioBlackRock का प्रदर्शन भी बेहतर रहा. कंपनी का AUM बढ़कर 18,412 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इसके अलावा पेमेंट्स बिजनेस में ट्रांजैक्शन वैल्यू और इंश्योरेंस ब्रोकिंग कारोबार में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली. कंपनी लगातार अपने डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म का विस्तार कर रही है, जिसका फायदा तिमाही नतीजों में साफ दिखाई दिया.
निवेशकों की रहेगी आगे की रणनीति पर नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि जियो फाइनेंशियल ने अपने सभी प्रमुख कारोबारों में मजबूत ग्रोथ दिखाई है. हालांकि, निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में इस रफ्तार को कितना बनाए रख पाती है. वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी लेंडिंग, वेल्थ मैनेजमेंट, पेमेंट्स और इंश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में तेजी से अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कंपनी इसी तरह अपने कारोबार का विस्तार जारी रखती है, तो आने वाले समय में जियो फाइनेंशियल भारतीय वित्तीय सेवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकती है.