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शेयर बाजार में बिकवाली, सेंसेक्स 561 अंक टूटा, मिडिल ईस्ट के तनाव ने बिगाड़ा माहौल​

मंगलवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी निराशाजनक रहा. पश्चिम एशिया में गहराते तनाव के कारण दलाल स्ट्रीट पर दिनभर भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला. कच्चे तेल की कीमतों में आई अचानक तेजी ने बाजार का मूड पूरी तरह से बिगाड़ दिया, जिससे सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों में 0.7 फीसदी तक […]

मंगलवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी निराशाजनक रहा. पश्चिम एशिया में गहराते तनाव के कारण दलाल स्ट्रीट पर दिनभर भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला. कच्चे तेल की कीमतों में आई अचानक तेजी ने बाजार का मूड पूरी तरह से बिगाड़ दिया, जिससे सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों में 0.7 फीसदी तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. 14 जुलाई के कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 561.46 अंक लुढ़ककर 77,054.94 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी भी 158.95 अंक टूटकर 24,100 के अहम स्तर से नीचे, 24,052.05 पर आ गया.

लाल निशान में बंद हुआ पूरा बाजार

बाजार में मची इस उथलपुथल का असर लगभग हर छोटेबड़े शेयर पर दिखा. मंगलवार के आंकड़ों के अनुसार, बाजार में केवल 1422 शेयरों में ही बढ़त दर्ज की गई. इसके विपरीत, 2632 शेयरों ने निवेशकों को भारी नुकसान पहुंचाया तथा ये लाल निशान में बंद हुए. करीब 190 शेयर ऐसे भी रहे जिनकी कीमतों में दिनभर में कोई बदलाव नहीं हुआ.

दिग्गज शेयरों का हाल भी काफी बुरा रहा. निफ्टी के 50 प्रमुख शेयरों में से 39 भारी गिरावट के साथ बंद हुए. मिडकैप तथा स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव साफ नजर आया. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.6 फीसदी तथा निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1 फीसदी की गिरावट आई.

इन सेक्टरों के निवेशकों को हुआ नुकसान

सेक्टर के हिसाब से बाजार का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा. रियल एस्टेट सेक्टर की हालत सबसे ज्यादा खराब रही. निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में सबसे ज्यादा 2 फीसदी की गिरावट आई. इसके बाद सरकारी बैंकों में 1.86 फीसदी, ऑटोमोबाइल सेक्टर में 1.65 फीसदी, बैंकिंग सेक्टर में 1.20 फीसदी तथा आईटी सेक्टर में 1 फीसदी का नुकसान दर्ज किया गया.

निफ्टी में शामिल शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, श्रीराम फाइनेंस, एचडीएफसी लाइफ, टाटा मोटर्स तथा जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने सबसे ज्यादा निराश किया. हालांकि, इस गिरते बाजार में फार्मा सेक्टर ने थोड़ी राहत दी. निफ्टी फार्मा 1.02 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ. भारती एयरटेल, अपोलो हॉस्पिटल्स, सन फार्मा तथा सिप्ला में अच्छी तेजी देखने को मिली.

मिडिल ईस्ट का तनाव बनी मुख्य वजह

बाजार में आई इस भारी गिरावट के पीछे मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ रहा युद्ध का संकट है. अमेरिका तथा ईरान के बीच लगातार बढ़ रहे टकराव ने ग्लोबल मार्केट का सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है. हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले किए हैं.

इस तनाव को और बढ़ाते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट से होने वाले ईरानी व्यापार पर नए सिरे से रोक लगाने का बड़ा ऐलान कर दिया है. यह एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग है, जहां किसी भी तरह की पाबंदी सीधे तौर पर दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई को प्रभावित करती है. तेल की कीमतें बढ़ने का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है, जिससे घबराए निवेशकों ने बाजार में बिकवाली शुरू कर दी.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.
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संपादकीय टीम

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