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अडानी-अंबानी को मिलेगी टक्कर: इस सेक्टर में आदित्य बिड़ला ग्रुप ने की महा-डील​

आदित्य बिड़ला ग्रप की कंपनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज की यूनिट आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स लिमिटेड ने करीब 1.8 अरब डॉलर में शेल ओवरसीज इन्वेस्टमेंट बीवी से स्प्रिंग एनर्जी के अधिग्रहण पर सहमति जताई है. इस डील से देश के सबसे बड़े इंटीग्रेटिड रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफॉर्म्स में से एक के गठन की राह खुलेगी. आदित्य बिड़ला ग्रुप ने […]

आदित्य बिड़ला ग्रप की कंपनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज की यूनिट आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स लिमिटेड ने करीब 1.8 अरब डॉलर में शेल ओवरसीज इन्वेस्टमेंट बीवी से स्प्रिंग एनर्जी के अधिग्रहण पर सहमति जताई है. इस डील से देश के सबसे बड़े इंटीग्रेटिड रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफॉर्म्स में से एक के गठन की राह खुलेगी. आदित्य बिड़ला ग्रुप ने एक बयान में कहा कि इस अधिग्रहण से एबीआरईएन की कुल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बढ़कर करीब 9.3 गीगावाटपीक हो जाएगी. इसमें लगभग 3.3 जीडब्ल्यूपी की चालू परियोजनाएं और 1.7 जीडब्ल्यूपी निर्माणाधीन परियोजनाएं शामिल हैं. डील के तहत शेल ओवरसीज को दी जाने वाली इक्विटी राशि का निर्धारण कर्ज, नकदी और अन्य मदों के एडजस्टमेंट के बाद किया जाएगा.

साल के अंत तक पूरी होगी डील

बयान के मुताबिक, इस अधिग्रहण के लिए फंडिंग ग्रासिम इंडस्ट्रीज और ब्लैकरॉक के संचालन वाले ग्लोबल इन्फ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स द्वारा प्रबंधित फंड्स से कर्ज एवं इक्विटी के मिश्रण से किया जाएगा. यह डील सौदा एबीआरईएन के कमर्शियल एवं औद्योगिक रिन्युएबल एनर्जी कारोबार को स्प्रिंग एनर्जी के यूजर लेवल के पोर्टफोलियो के साथ जोड़ेगा. आवश्यक रेगुलेटरी मंजूरियों और अन्य औपचारिकताओं के अधीन इसके 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है. आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि ग्रुप ने लंबे समय में ग्लोबल लेवल के कारोबार खड़े किए हैं और भारत के एनर्जी बदलाव को भी उसी दृष्टिकोण से देखता है. यह डील देश के एनर्जी भविष्य को मजबूत करने और आर्थिक वृद्धि की नींव तैयार करने में मददगार होगा.

काफी अहम है ये डील

ग्रुप के निदेशक आर्यमान विक्रम बिड़ला ने कहा कि यह अधिग्रहण एबीआरईएन के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और इससे राष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी रिन्युएबल एनर्जी प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में तेजी आएगी. एबीआरईएन के व्यवसाय प्रमुख जयंत दुआ ने कहा कि दोनों कंपनियों के एकीकरण से परियोजना विकास, इंजीनियरिंग, खरीद, निर्माण एवं परिसंपत्ति प्रबंधन में समन्वय से परिचालन क्षमता बढ़ेगी और परियोजनाओं के निष्पादन में तेजी आएगी. कंपनी ने कहा कि ज्वाइंट वेंचर के पास डायवर्सिफाई पोर्टफोलियो और मजबूत परियोजना पाइपलाइन होगी, जिससे आने वाले वर्षों में 20 गीगावाटपीक क्षमता से अधिक क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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