नई दिल्ली: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार एक्शन मोड में नजर आ रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले को लेकर शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें राजधानी में अवैध और नियमों के विपरीत बने भवनों पर सख्त कार्रवाई समेत कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में अधिकारियों को सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बता दें कि इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई है, कई घायलों का इलाज अस्पतालों में चल रहा है।

G+5 निर्माणाधीन इमारतों पर चलेगा अभियान
बैठक में फैसला लिया गया कि दिल्ली में बन रही G+5 मंजिल (ग्राउंड फ्लोर समेत 5 मंजिला) वाली सभी निर्माणाधीन इमारतों की तत्काल जांच की जाएगी। इसके साथ ही पहले से बन चुकी ऐसी इमारतों की भी समीक्षा होगी। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि निर्माण कार्य निर्धारित सुरक्षा मानकों और नियमों के अनुरूप हो।
लापरवाही पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की लापरवाही के लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में आपदा प्रबंधन अधिनियम (DM Act) 2005 के तहत मौजूद दंडात्मक प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने का फैसला लिया गया। इसके तहत दोषी पाए जाने पर दो साल तक की सजा का प्रावधान है।
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दोषी अधिकारियों से होगी नुकसान की वसूली
सरकार ने यह भी तय किया है कि रेवेन्यू रिकवरी एक्ट 2018-19 के तहत दोषी अधिकारियों से नुकसान की भरपाई कराई जाएगी। यह वसूली अधिकारियों के वेतन, पेंशन और संपत्ति से की जा सकेगी। साथ ही जिलों में गठित टास्क फोर्स को सक्रिय कर निरीक्षण और निगरानी अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।











