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RBI Monetary Policy: कम होगी आपकी EMI या लगेगा झटका! आज होगा फैसला

RBI Monetary Policy: कम होगी आपकी EMI या लगेगा झटका! आज होगा फैसला

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) आज ब्याज दरों पर अपना फैसला सुनाएगी. हाल के वर्षों में यह बैठक सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक मानी जा रही है, क्योंकि अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही है. RBI गवर्नर संजय महरोत्रा के सामने महंगाई और आर्थिक वृद्धि के बीच संतुलन बनाने की बड़ी चुनौती है.

RBI Monetary Policy: कम होगी आपकी EMI या लगेगा झटका! आज होगा फैसला
RBI Monetary Policy: कम होगी आपकी EMI या लगेगा झटका! आज होगा फैसला

अर्थशास्त्रियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या RBI ब्याज दरों में बढ़ोतरी शुरू करेगा. बढ़ती महंगाई, कमजोर होता रुपया और ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने इस बहस को और तेज कर दिया है. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि RBI आज पहली बार रेपो रेट बढ़ाने का फैसला कर सकता है.

रुपये की कमजोरी और महंगाई बढ़ा रही चिंता

2026 में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6.4% तक कमजोर हुआ है और एशिया की सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में शामिल रहा है. वहीं, ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई पर दबाव बढ़ रहा है. ऐसे में कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि RBI को ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं.

हालांकि, कई विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि केवल रुपये को संभालने या विदेशी मुद्रा बाजार को समर्थन देने के लिए ब्याज दरें बढ़ाना सही रणनीति नहीं होगी. उनका कहना है कि इससे आर्थिक विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.

विकास दर पर भी मंडरा रहे खतरे

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अल नीनो की आशंका के चलते आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बढ़ सकता है. वित्त मंत्रालय की मई 2026 की आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट में भी उपभोग मांग में नरमी की चेतावनी दी गई है. रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य से कमजोर मानसून और आर्थिक गतिविधियों में संभावित सुस्ती आने वाले महीनों में मांग को प्रभावित कर सकती है.

क्रिसिल और यस बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.6% रहने का अनुमान लगाया है, जो पिछले वर्ष के 7.6% से कम है.

महंगाई फिलहाल नियंत्रण में

विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई अभी RBI के निर्धारित दायरे से बाहर नहीं गई है. HDFC बैंक की अर्थशास्त्री साक्षी गुप्ता के अनुसार, जून और अगस्त की नीति बैठकों में RBI ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है, क्योंकि पश्चिम एशिया संकट का वास्तविक प्रभाव अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.

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हालांकि, यदि अक्टूबर तक महंगाई का दबाव लगातार बना रहता है, तो RBI ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर विचार कर सकता है. फिलहाल HDFC बैंक को वित्त वर्ष 2026-27 में 6.7% विकास दर और 5.1% महंगाई दर का अनुमान है.

परिवारों की महंगाई उम्मीदों पर रहेगी नजर

RBI की नजर 5 जून को जारी होने वाले घरेलू महंगाई उम्मीद सर्वे (Inflation Expectation Survey of Households) पर भी रहेगी। हालिया आंकड़ों के अनुसार, लोगों की मौजूदा महंगाई धारणा बढ़कर 7.2% हो गई है. वहीं, अगले तीन महीने और एक साल के लिए महंगाई की उम्मीदें क्रमशः 8.5% और 8.8% तक पहुंच गई हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लोगों की महंगाई संबंधी अपेक्षाएं लगातार बढ़ती रहीं, तो RBI के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला लेना आसान हो सकता है. फिलहाल बाजार की नजर शुक्रवार को आने वाले MPC के फैसले पर टिकी हुई है.

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