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8th Pay Commission: क्या अब 55,000 रुपए हो जाएगी इन कर्मचारियों की सैलरी, कर डाली ये मांग

8th Pay Commission: क्या अब 55,000 रुपए हो जाएगी इन कर्मचारियों की सैलरी, कर डाली ये मांग

8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं. इसी बीच जम्मू-कश्मीर कर्मचारी महासंघ ने आयोग के सामने 55,000 रुपये तय करने की मांग रखी है. श्रीनगर में आयोग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कर्मचारी संगठन ने 3.05 फिटमेंट फैक्टर लागू करने का भी सुझाव दिया.

8th Pay Commission: क्या अब 55,000 रुपए हो जाएगी इन कर्मचारियों की सैलरी, कर डाली ये मांग
8th Pay Commission: क्या अब 55,000 रुपए हो जाएगी इन कर्मचारियों की सैलरी, कर डाली ये मांग

महासंघ के अध्यक्ष रफीक मलिक ने आयोग को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि वर्तमान वेतन संरचना कर्मचारियों और उनके परिवारों की वास्तविक जरूरतों को पूरी तरह पूरा नहीं कर पा रही है. इसलिए वेतन निर्धारण के लिए नए मानकों को अपनाया जाना चाहिए.

55,000 रुपये वेतन की मांग

कर्मचारी संगठन ने न्यूनतम वेतन तय करने के लिए एक नया गणित पेश किया है. 7वें वेतन आयोग में तीन परिवार इकाइयों को आधार मानकर वेतन तय किया गया था, जबकि संगठन ने अब पांच परिवार इकाइयों को आधार बनाने की सिफारिश की है. इसमें कर्मचारी, उसका जीवनसाथी, दो बच्चे और माता-पिता शामिल हैं.

संगठन के अनुसार, प्रति यूनिट 6,000 रुपये के हिसाब से पांच इकाइयों का मूल वेतन 30,000 रुपये बनता है. इसके बाद वर्तमान 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) जोड़ने पर यह राशि 47,400 रुपये हो जाती है. वहीं, भोजन, पोषण और अन्य उपभोग खर्चों में 20 से 25 प्रतिशत वृद्धि को शामिल करने पर यह राशि 56,880 रुपये से 59,250 रुपये के बीच पहुंच जाती है. इसी आधार पर संगठन ने न्यूनतम बेसिक वेतन 55,000 से 60,000 रुपये के बीच रखने की सिफारिश की है.

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सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग

महासंघ का कहना है कि मौजूदा 3 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि कर्मचारियों की वास्तविक आय में पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं कर पाती. इसलिए 8वें वेतन आयोग को सालाना इंक्रीमेंट बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने पर विचार करना चाहिए. इससे कर्मचारियों की आय महंगाई के अनुरूप बढ़ सकेगी.

DA और HRA नियमों में बदलाव का सुझाव

संगठन ने महंगाई भत्ते की गणना की वर्तमान प्रक्रिया में भी बदलाव की मांग की है. उनका कहना है कि DA की गणना में दशमलव अंकों को कम करके नहीं, बल्कि वास्तविक वृद्धि के आधार पर पूरा लाभ दिया जाना चाहिए.

इसके अलावा, मकान किराया भत्ता (HRA) बढ़ाने के लिए DA की सीमा 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने का सुझाव दिया गया है. संगठन का मानना है कि DA 50 प्रतिशत पहुंचने पर उसे मूल वेतन में मिला दिया जाना चाहिए और उसके बाद HRA की नई दरें लागू की जानी चाहिए.

OPS और हार्ड जोन भत्ते की भी मांग

कर्मचारी महासंघ ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग दोहराई है. साथ ही, दुर्गम और कठिन क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को मूल वेतन का 10 प्रतिशत अतिरिक्त “हार्ड जोन भत्ता” देने का भी प्रस्ताव रखा है.

कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यदि इन सुझावों को 8वें वेतन आयोग में शामिल किया जाता है, तो इससे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा लाभ मिल सकता है.

khabarmonkey@gmail.com

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