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2 साल पहले एक निवेशक ने की शिकायत, अब Rajesh Exports का शेयर हुआ धड़ाम

2 साल पहले एक निवेशक ने की शिकायत, अब Rajesh Exports का शेयर हुआ धड़ाम

Rajesh Exports Share: मार्केट रेगुलेटर सेबी ने राजेश एक्सपोर्ट और कंपनी के प्रमोटर राजेश मेहता के खिलाफ एक अंतरिम ऑर्डर जारी किया है. इस ऑर्डर में बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल गड़बड़ियों, जांच के दौरान सहयोग न करने और कंपनी के रेवेन्यू को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का आरोप लगाया गया है. यही वजह है कि आज गुरुवार (4 जून) को BSE पर राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर में 5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली और शेयर लुढ़कर खबर लिखे जाने तक 103.92 रुपए पर ट्रेड कर रहा था.

2 साल पहले एक निवेशक ने की शिकायत, अब Rajesh Exports का शेयर हुआ धड़ाम
2 साल पहले एक निवेशक ने की शिकायत, अब Rajesh Exports का शेयर हुआ धड़ाम

3 जून के 109 पेज के अंतरिम ऑर्डर में, SEBI ने कहा कि मामले की जांच और फोरेंसिक जांच के नतीजों से पहली नजर में ही इस बात का पता चलता है कि कंपनी के बताए गए रेवेन्यू का लगभग 97 से 99 फीसदी बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया था. रेगुलेटर ने इन कथित गड़बड़ियों को बहुत ज्यादा बताया है. रेगुलेटर के अनुसार, राजेश एक्सपोर्ट्स ने जरूरी अकाउंटिंग सिस्टम का एक्सेस नहीं दिया, जरूरी फाइनेंशियल रिकॉर्ड नहीं दिए और जांच के दौरान मांगे गए पूरे डॉक्यूमेंट रोके रखे.

राजेश एक्सपोर्ट के चेयरमैन का बयान

मुश्किलों में फंसी ज्वेलरी एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स ने कहा कि SEBI के 3 जून शाम को पास किए गए अंतरिम ऑर्डर का कोई आधार नहीं है. राजेश एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश मेहता ने 4 जून सुबह मनीकंट्रोल से बातचीत में बताया कि यह एक अंतरिम ऑर्डर है और इसमें कुछ भी सच नहीं है.

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कब और कैसे शुरू हुआ ये मामला?

यह मामला मार्च 2024 में एक शेयरहोल्डर की शिकायत से शुरू हुआ था, जिसमें कंपनी के अकाउंट्स में दिखाए गए बड़े ट्रेड रिसीवेबल्स पर चिंता जताई गई थी. शुरुआती रिव्यू के बाद, सेबी ने अप्रैल 2020 और मार्च 2024 के बीच के समय को कवर करते हुए एक डिटेल्ड इन्वेस्टिगेशन शुरू की और BDO इंडिया सर्विसेज को फोरेंसिक ऑडिटर अपॉइंट किया.

सेबी ने आरोप लगाया कि REL ने लगभग 15.15 लाख करोड़ रुपये के Consolidated Revenue को गलत तरीके से प्रस्तुत किया, जो वित्त वर्ष 20-21 से वित्त वर्ष 24-25 की अवधि के लिए कुल Consolidated Revenue का 99.80 प्रतिशत है.

राजेश एक्सपोर्ट को डील करने से रोका

आगे के निर्देशों तक, सेबी ने राजेश मेहता को राजेश एक्सपोर्ट्स की सिक्योरिटीज खरीदने, बेचने या किसी और तरह से डील करने से रोक दिया है. रेगुलेटर ने कंपनी को इन्वेस्टिगेटर्स को पूरा सहयोग देने और अपने फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स और रिलेटेड पार्टी ट्रांज़ैक्शन्स का सही और फेयर डिस्क्लोजर पक्का करने का भी निर्देश दिया है.

कहां की है राजेश एक्सपोर्ट और क्या करती है ये कंपनी?

बेंगलुरु में मौजूद राजेश एक्सपोर्ट्स, गोल्ड रिफाइनिंग और ज्वेलरी बनाने का काम करती है और NSE और BSE दोनों पर लिस्टेड है. कंपनी घरेलू और विदेशी मार्केट में गोल्ड प्रोडक्ट्स बेचती है और शुभ ज्वैलर्स ब्रैंड के तहत ज्वेलरी आउटलेट चलाती है.

khabarmonkey@gmail.com

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