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टीएमसी में ममता बनर्जी ने शुरू की ‘सर्जरी’, दो विधायकों को पार्टी से किया बेदखल

टीएमसी में ममता बनर्जी ने शुरू की ‘सर्जरी’, दो विधायकों को पार्टी से किया बेदखल

TMC MLA Suspend: चुनाव हारने के बाद से ममता बनर्जी के दिन खराब ही चल रहे हैं. ममता बनर्जी के विधायक तक उनकी नहीं सुन रहे हैं. ममता जब ‘सत्तानशीं’ थीं, तब उनकी एक आवाज पर सारे नेता एकजुट हो जाते थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं. ममता के बुलाने पर भी नेता बैठक के लिए नहीं पहुंच रहे हैं.

टीएमसी में ममता बनर्जी ने शुरू की ‘सर्जरी’, दो विधायकों को पार्टी से किया बेदखल
टीएमसी में ममता बनर्जी ने शुरू की ‘सर्जरी’, दो विधायकों को पार्टी से किया बेदखल

पार्टी विरोधी गतिविधि का लगाया आरोप
कल रविवार को ममता ने अपने विधायकों की एक बैठक बुलाई, जिसमें 80 में से सिर्फ 20 विधायक ही पहुंचे. बाद में मीटिंग कैंसिल कर दी गई. आज ममता ने अपने दो विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधि के आरोप में टीएमसी से निकाल दिया है. चुनाव में करारी शिकस्त के बाद ममता के इस फैसले को पार्टी में एक ‘सर्जरी’ के रूप में देखा जा रहा है.

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टीएमसी नेताओं की निष्ठा भी बदली
लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीत कर एक रिकॉर्ड बनाने वाली ममता बनर्जी को चौथे चुनाव में करारी हार मिली. महज 80 सीटें ही टीएमसी के खाते में आईं, वहीं बीजेपी ने प्रचंड जीत दर्ज कर राज्य में पहली बार सरकार बनाई. अब तख्ता-पलट होने के बाद से बंगाल में जगह-जगह टीएमसी के नेताओं को जनता ने शिकार बनाना शुरू कर दिया है. आम जनता के साथ साथ टीएमसी के कई नेताओं की निष्ठा भी बदलती जा रही है. कई नेता टीएमसी से या तो दूरी बना रहे हैं या फिर पार्टी के नियम-कायदों के खिलाफ काम कर रहे हैं. बगावत के सुर तेज होने से पहले ही ममता अब पार्टी की सर्जरी करने यानी पार्टी विरोधी काम करने वाले नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया है. ममता पार्टी विरोधी काम करने का आरोप लगाते हुए दो विधायकों रीताब्रजा बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी से निकाल दिया है.

ममता के बुलाने पर 80 विधायकों में से 20 ही पहुंचे
इससे पहले 30 मई को ही ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर लोगों ने सोनारपुर में हमला कर दिया था. इस हमले में अभिषेक बाल-बाल बचे. वहीं अगले दिन कल्याण बनर्जी ने भी खुद पर हमला होने का दावा किया. इन हमलों के बाद ही ममता ने अपने विधायकों की एक मीटिंग बुलाई थी, जिसमें बमुश्किल 20 विधायक ही पहुंचे. इसका साफ मतलब है कि टीएमसी में अब ममता बनर्जी की बात विधायकों ने अनसुनी कर दी. विधायकों के न आने पर मीटिंग ही कैंसिल कर दी गई. बाद में पार्टी नेता कुणाल घोष ने मीडिया में आकर बयान दिया कि 1 और 2 जून को पार्टी ने आंदोलन की कॉल दी है. इसके साथ ही पार्टी नेताओं पर हमले भी हो रहे हैं. ऐसे माहौल में विधायकों का अपने क्षेत्र की जनता के बीच रहना ज्यादा जरूरी है, इसीलिए आज मीटिंग कैंसिल कर दी गई है. बाद में मीटिंग की डेट बताई जाएगी.

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