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पीरियड में आने वाला खून गंदा होता है? ये मिथक या सच, एक्सपर्ट से जानें

पीरियड में आने वाला खून गंदा होता है? ये मिथक या सच, एक्सपर्ट से जानें

पीरियड्स को लेकर कई तरह के मिथक (गलतफहमियां) बने रहते हैं. कुछ चीजों के बारे में तो अक्सर महिलाओं को भी जानकारी नहीं होती है. पीरियड्स के दौरान ब्लड क्लॉट्स का आना, इस दौरान बहुत ज्यादा उछल-कूद करनी चाहिए या नहीं…ऐसी ही बातों को लेकर हमने फेलिक्स ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के सीएमडी डॉक्टर डीके गुप्ता से बात की है. उन्होंने बताया है कि ऐसा होने की क्या वजह होती है. क्या आप फिजिकल एक्टिविटी इस दौरान कर सकते हैं या फिर नहीं.

पीरियड में आने वाला खून गंदा होता है? ये मिथक या सच, एक्सपर्ट से जानें
पीरियड में आने वाला खून गंदा होता है? ये मिथक या सच, एक्सपर्ट से जानें

मासिक धर्म, पीरियड्स या मेंस्ट्रुअल साइकिल, इसके बारे में जागरूकता होना बेहद जरूरी है. ये भले ही एक नेचुरल प्रोसेस होता है, लेकिन महिलाओं को इस दौरान की तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ता है और ये सीधे हमारी हेल्थ से जुड़ी हुई चीज है. तो चलिए जान लेते हैं पीरियड्स से जुड़े मिथक और सच्चाई के बारे में.

पीरियड्स का ब्लड गंदा होता है?

डॉक्टर डीके गुप्ता कहते हैं कि पीरियड्स में जो ब्लड आता हो वो एक सामान्य प्रक्रिया है. वह कहते हैं कि दरअसल हमें ये समझना होगा कि हर मंथ की ओवरी में अंडा विकसित होता है और ये जैसे-जैसे बढ़ना शुरू होता है तो हार्मोन के चेंजेस से यूट्रस की अंदरूनी दीवार पर ब्लड की लेयर बनने लगती है. जब ये अंडा फर्टिलाइज नहीं होता है तो अगली साइकिल पर गर्भाशय के अंदर बनी ये लेयर शेड ऑफ हो जाती है. इससे ही पीरियड्स के दौरान ब्लड आता है. इस तरह से ये ब्लड गंदा नहीं होता है.

ब्लड का कलर क्यों होता है डार्क?

पीरियड्स के दौरान आने वाले ब्लड में स्मेल क्यों आती है या फिर इसका रंग क्यों डार्क होता है तो इसका जवाब है कि जब ब्लड ऑक्सीजन के संपर्क में आता है तो इस वजह से एक रिएक्शन होता है और ब्लड का रंग डार्क या भूरे रंग का हो जाता है. नॉर्मल ब्लड भी अगर कुछ देर ऐसे ही छोड़ दिया जाए तो इससे स्मेल आना शुरु हो जाती है. पीरियड्स के दौरान आने अजीब सी गंध आने के पीछे का वजह है कि वेजाइना में नमी की वजह से कुछ बैक्टीरिया रहते हैं, जिससे ब्लड संपर्क में आने के बाद हल्की गंध आने लगती है जो सामान्य है. इसके लिए जरूरी है कि आप हाइजीन का ध्यान रखें. 4 से 6 घंटे में पैड चेंज करती रहें. हालांकि अगर ये गंध बहुत ज्यादा आ रही हो और सामान्य न लगे तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

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ब्लड क्लॉट बनना नॉर्मल नहीं?

पीरियड्स के दौरान कई बार ब्लड क्लॉट आने लगते हैं. इस वजह से कुछ महिलाएं परेशान हो जाती हैं कि ये नॉर्मल नहीं है. जबकि ये महज मिथक है. सच्चाई है कि कभी-कभी क्लॉट्स भी बनते हैं. ये बिल्कुल नॉर्मल है. इसमें कोई दिक्कत वाली बात नहीं है. एक्सपर्ट डीके गुप्ता कहते हैं कि कई बार ब्लड का फ्लो स्लो होता है तो क्लॉट्स बन जाते हैं.

बहुत ज्यादा उछल-कूद न करें?

लड़कियों की पीरियड्स साइकिल जब शुरू होती है तो उनको कहा जाता है कि बहुत ज्यादा उछल-कूद मत करो. शायद आप भी इस बात को जानती होंगी. डॉ. डीके गुप्ता कहते हैं जिन लोगों का कहना है कि पीरियड्स के दौरान बहुत एक्टिविटी नहीं करनी चाहिए. ये भी गलत है. इस दौरान महिलाएं सामान्य गतिविधियां कर सकती हैं. खेल-कूद भी कर सकते हैं, हालांकि बस थोड़ा ध्यान रखने की जरूरत होती है. जैसे बहुत हैवी एक्टिविटी न करें. जैसे वेट ट्रेनिंग करती हैं तो इस दौरान वर्कआउट थोड़ा हल्का करें.

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