हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। यह तिथि भगवान काल भैरव को समर्पित होती है। इस दिन काल भैरव की पूजा करने से सभी बाधाएं दूर होती हैं और निगेटिव एनर्जी से रक्षा होती है। इस दिन काल भैरव की पूजा निशिता मुहूर्त में करना विशेष फलदायी माना जाता है। कालाष्टमी की तिथि तंत्र-मंत्र के साधकों के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है। वहीं गृहस्थ लोगों द्वारा काल भैरव की पूजा करने से सुख-शांति बनी रहती है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
जरूर करें ये उपाय

अगर आप लंबे समय से परेशानियों से घिर रहते हैं, तो आपको कालाष्टमी पर काले कुत्ते को गुड़ वाली रोटी खिलाना चाहिए। इस उपाय को करने के काल भैरव की कृपा प्राप्त होती है।
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भैरव देव के मंदिर जाकर चौमुखी सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। वहीं उड़द की दाल, काले तिल और काले कपड़े का दान करना चाहिए। ऐसा करना शुभ माना जाता है।
निगेटिव एनर्जी का होगा नाश
अगर आप भी घर में क्लेश या निगेटिव एनर्जी से परेशान हैं, तो कालाष्टमी पर किया गया यह उपाय आपके काम आ सकता है। कालाष्टमी की पूजा में भैरव बाबा को मीठी रोटी का भोग लगाना चाहिए। इस उपाय को करने से बुरी शक्तियों का नाश होता है औऱ निगेटिव एनर्जी का प्रभाव खत्म होता है। वहीं घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
इन बातों का रखें ध्यान
इस दौरान सात्विक आचरण अपनाना चाहिए, मांसाहार और शराब आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
पूजा के दौरान मन को शांत रखें और मन में नकारात्मक विचार नहीं लाने चाहिए।
काल भैरव को न्याय का देवता माना जाता है, इसलिए गरीब और निर्बल को दुख नहीं पहुंचाएं।
पशु खासकर कुत्ते आदि को नहीं परेशान करना चाहिए। क्योंकि यह काल भैरव को प्रिय होता है।
किसी का अपमान और विवाद करने से बचना चाहिए। अन्यथा आपको काल भैरव की कृपा नहीं प्राप्त होगी।
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