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आर्मी चीफ बोले: भारत ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की तैयारी: तीनों सेनाएं 24 घंटे कर रहीं तैयारी

पुणे/दिल्ली। जनरल द्विवेदी पुणे एकेडमी की 150वीं पासिंग आउट परेड में पहुंचे थे। वे यहीं से 65वें कोर्स के कैडेट रह चुके हैं। वे ‘चार्ली स्क्वाड्रन’ में थे।

आर्मी चीफ बोले: भारत ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की तैयारी: तीनों सेनाएं 24 घंटे कर रहीं तैयारी
आर्मी चीफ बोले: भारत ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की तैयारी: तीनों सेनाएं 24 घंटे कर रहीं तैयारी

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। फिलहाल केवल संघर्षविराम जैसी स्थिति है। अगर जरूरत पड़ी तो तीनों सेनाएं ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ के लिए पूरी तरह तैयारी कर रही हैं।

आर्मी चीफ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने एक बेंचमार्क सेट कर दिया है कि भारत उकसावे पर कैसे जवाब देता है। कैडेट्स अपने सैन्य करियर की शुरुआत से ही इस बेंचमार्क को बनाए रखें।

आर्मी चीफ पुणे के खड़कवासला में शनिवार को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) का 150वीं पासिंग आउट परेड में शामिल हुए। रिव्यूइंग ऑफिसर के तौर पर उन्होंने 355 कैडेट अफसरों की परेड की सलामी ली।

इस दौरान कैडेट्स ने मार्च पास्ट किया। फ्लाईपास्ट में Su-30 MKI लड़ाकू विमान, चेतक हेलिकॉप्टर, सारंग हेलिकॉप्टर एरोबेटिक्स टीम और आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने हिस्सा लिया।

सेना प्रमुख के नए अफसरों को मैसेज

मॉर्डन वॉरफेयर पूरी तरह पारदर्शी हो गया है। 24 घंटे हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है। ऐसे में सैनिकों की तैनाती, ऑपरेशन और बॉर्डर एरिया में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।

इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर तभी जीता जा सकता है जब देश के लोग सूचना देने वाले संस्थानों पर भरोसा करें। जिस देश के नागरिक और संस्थाएं एक-दूसरे पर विश्वास करती हैं, वह देश हमेशा मजबूत स्थिति में रहता है।

जब युद्ध की गति बहुत तेज हो रही हो, तो संसाधनों के दायरे में रहकर एडिशनल हेल्प की जरूरत पड़ती है, ताकि तेजी से फैसले ले सकें। बहुत सारी तकनीकों और संसाधनों को संभालने के लिए, ऑटोमेशन की जरूरत होती है, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इसमें बहुत अहम रोल निभाता है।

भविष्य की लड़ाइयां केवल पारंपरिक तरीके से नहीं लड़ी जाएंगी। अब इनमें जमीन, हवा, समुद्र, अंतरिक्ष, साइबर, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक और कॉग्निटिव क्षेत्रों में भी लड़ा जाएगा।

अगले 2-3 साल में शुरू हो सकता है सेना का थिएटर कमांड सिस्टम

थिएटर कमांड व्यवस्था पर बोलते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि थिएटराइजेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इससे जुड़ी पूरी रिपोर्ट रक्षा मंत्री को सौंप दी गई है। इसका अलग-अलग लेवल पर रिव्यू भी चल रहा है।

उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में सेना, नौसेना और वायुसेना चीफ अपनी-अपनी सेनाओं की तैयारी और संसाधनों की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि थिएटर कमांडर जॉइंट मिलिट्री ऑपरेशन देखेंगे।

सेना प्रमुख ने उम्मीद जताई कि अगले 2 से 3 साल में यह व्यवस्था जमीनी स्तर पर लागू होती दिखाई दे सकती है, इसके लिए तीनों सेनाओं के प्रमुख हितों का ध्यान रखा जाए।

‘डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन’ के तहत खुद को बदल रही है सेना

जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना युद्ध के बदलते रूप को समझते हुए खुद को भविष्य के लिए तैयार कर रही है। सेना “डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन” पहल के तहत आधुनिक और तकनीक-सक्षम बल में बदलने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि सेना के भीतर मौजूदा संसाधनों से ही फर्स्ट रेजिमेंट बटालियन, दिव्यास्त्र बैटरियां, शक्तिमान रेजिमेंट, भारत बटालियन और दूसरी तकनीक-आधारित सैन्य संरचनाएं विकसित की जा रही हैं। इसमें युवा पीढ़ी की भूमिका को सेंटर में रखा गया है।

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क्या है ऑपरेशन सिंदूर, जिसके दूसरे वर्जन का जिक्र आर्मी चीफ ने किया

कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने यह कार्रवाई की थी। इस दौरान भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात केवल 24 मिनट में PoK से ऑपरेट 9 प्रमुख आतंकी लॉन्चपैड और ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया था।

सैटेलाइट इमेजेस के मुताबिक, भारत ने पाकिस्तान के सरगोधा, नूर खान, भोलारी और सुक्कुर एयरबेस को भी निशाना बनाया था, जिससे उन्हें भारी नुकसान पहुंचा था।
सेना के अनुसार, इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा पाकिस्तानी जवान और कई कुख्यात आतंकवादी मारे गए थे। लेकिन 10 मई को दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की घोषणा कर दी गई।

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