डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए तीन सबसे अहम स्तंभ माने जाते हैं-संतुलित डाइट, नियमित शारीरिक गतिविधि और तनाव पर नियंत्रण। इनमें से डाइट सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, क्योंकि यही सीधे तौर पर ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित करती है। गलत खानपान, खासकर हाई कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन, ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। इसलिए जरूरी है कि डाइट में संतुलन रखा जाए, सही मात्रा में कार्ब्स लिए जाएं और ऐसे फूड्स चुने जाएं जो धीरे-धीरे पचते हैं, ताकि ब्लड शुगर अचानक न बढ़े।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी तरह से पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है।
इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स, नई दिल्ली में एंडोक्रिनोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट Dr Saptarshi Bhattacharya ने बताया डायबिटीज में डाइट मैनेजमेंट किसी एक खास डाइट को चुनने से ज्यादा, कुछ बेसिक सिद्धांतों को समझने पर निर्भर करता है। अभी तक ऐसा कोई एक डाइट पैटर्न नहीं है जो सभी मरीजों के लिए सबसे बेहतर हो। सबसे जरूरी है कैलोरी कंट्रोल, संतुलित पोषण और लंबे समय तक टिकाऊ डाइट है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए किस तरह की डाइट जरूरी है।
डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए कैलोरी बैलेंस है सबसे अहम
डाइट प्लानिंग का सबसे अहम हिस्सा है एनर्जी बैलेंस। अगर मरीज का वजन ज्यादा है, तो कैलोरी कम करने से ब्लड शुगर कंट्रोल और मेटाबॉलिक हेल्थ बेहतर होती है। लेकिन कैलोरी घटाने का मतलब पोषण से समझौता करना नहीं होना चाहिए। एक्सपर्ट ने बताया डाइट में पर्याप्त प्रोटीन, कंट्रोल कार्बोहाइड्रेट और हेल्दी फैट्स का संतुलन जरूरी है।
डायबिटीज मैनेजमेंट में कार्बोहाइड्रेट पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं
डायबिटीज डाइट में कार्ब्स का ज्यादा सेवन शुगर बढ़ने के लिए जिम्मेदार माना जाता है। अक्सर लोग कार्ब्स से डरते हैं और उसे डाइट से पूरी तरह निकाल देते हैं। एक्सपर्ट ने बताया अगर आप डायबिटीज मैनेज करना चाहते हैं तो साबुत अनाज (Whole Grains), दालें और कम प्रोसेस्ड फूड का सेवन करें। ये फूड धीरे-धीरे पचते हैं और ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ाते। डायबिटीज को मैनेज करने के लिए रिफाइंड कार्ब्स, मीठे ड्रिंक और शुगर वाले फूड्स से बचना चाहिए। लो-कार्ब डाइट में आमतौर पर 130 ग्राम से कम कार्ब्स लिए जाते हैं, लेकिन यह हर व्यक्ति पर निर्भर करता है। शुरुआत में चावल, आलू, पास्ता जैसे स्टार्च वाले फूड की मात्रा 10% तक कम करके ब्लड शुगर का असर देखा जा सकता है।
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डायबिटीज में प्रोटीन का सही मात्रा में सेवन जरूरी
डायबिटीज डाइट में प्रोटीन रिच फूड्स का सेवन बेहद असरदार साबित होता है। हर मील में प्रोटीन शामिल करने से पेट देर तक भरा रहता है, मसल्स मजबूत रहते हैं और ब्लड शुगर में अचानक बढ़ोतरी कम होती है। प्रोटीन रिच डाइट में आप दालें, दूध-दही, अंडे, मछली और लीन मीट का सेवन कर सकते हैं। आमतौर पर 1–1.5 ग्राम प्रति किलो वजन प्रोटीन सुरक्षित माना जाता है। किडनी रोग वाले मरीजों में यह मात्रा कम रखी जाती है।
फैट्स की क्वालिटी पर ध्यान देना जरूरी
डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए सैचुरेटेड फैट जैसे तला-भुना, प्रोसेस्ड फूड और मक्खन पर कंट्रोल करना बेहद जरूरी है।अनसैचुरेटेड फैट जैसे नट्स, सीड्स, प्लांट ऑयल का सेवन सीमित मात्रा में करें। यह दिल की सेहत के लिए भी जरूरी है, क्योंकि डायबिटीज में हार्ट डिजीज का खतरा ज्यादा होता है।
नमक पर कंट्रोल करना भी है जरूरी
ज्यादा नमक से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ता है, जो डायबिटीज के साथ अक्सर देखा जाता है। नमक को कंट्रोल करने के लिए खाने में नमक का सेवन कम करें। पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड से परहेज करें। फूड्स में मौजूद सोडियम पर नजर रखें। डाइट में फलों का सेवन करें। फलों में फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो बॉडी की पोषक तत्वों की कमी को पूरा करते हैं। आप फ्रूट्स का सीधे सेवन करें फ्रूट जूस से परहेज करें।
Keto, Low-Carb या Plant-Based, कौन-सी डाइट सबसे सही?
कीटो, इंटरमिटेंट फास्टिंग या प्लांट-बेस्ड डाइट कुछ लोगों को फायदा दे सकती हैं, लेकिन ये जरूरी नहीं हैं। डायबिटीज मरीज ब्लड शुगर को नॉर्मल रखने के लिए डाइट में कैलोरी कंट्रोल करें, पोषण से भरपूर फूड्स का सेवन करें। ऐसी डाइट का सेवन करें जिसे लंबे समय तक फॉलो किया जा सके। डॉक्टर ने बताया ज्यादा परहेज करने वाली डाइट अक्सर लम्बे दिनों तक नहीं चलती।
डायबिटीज के लिए सही तरीका क्या है?
डायबिटीज में डाइट का बेसिक फार्मूला है समय पर खाना खाएं, पोर्शन कंट्रोल करें, पर्याप्त प्रोटीन,सीमित कार्ब्स, कम सैचुरेटेड फैट, कम नमक का सेवन करें। हर व्यक्ति की डाइट उसकी लाइफस्टाइल, पसंद और मेडिकल कंडीशन के अनुसार होनी चाहिए। एक ऐसा प्लान जो आपकी दिनचर्या में फिट हो, वही लंबे समय तक फायदेमंद रहेगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी तरह से पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। टाइप 2 डायबिटीज या किसी भी स्वास्थ्य समस्या में डाइट या दवा से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने डॉक्टर या पंजीकृत डाइटीशियन से परामर्श जरूर करें।





