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पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे सैकड़ों छात्र,लेखपाल भर्ती रद्द करने और UP SI स्कोरकार्ड जारी करने की मांग

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में एक बार फिर प्रतियोगी छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली और कथित पेपर लीक के विरोध में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण ढंग से मार्च निकाला और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे सैकड़ों छात्र,लेखपाल भर्ती रद्द करने और UP SI स्कोरकार्ड जारी करने की मांग
पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे सैकड़ों छात्र,लेखपाल भर्ती रद्द करने और UP SI स्कोरकार्ड जारी करने की मांग

हाथों में तिरंगा झंडा, पोस्टर और बैनर लिए सैकड़ों की संख्या में प्रतियोगी छात्र हिंदू हॉस्टल चौराहे पर इकट्ठा हुए। वहां से उन्होंने ऐतिहासिक चंद्रशेखर आजाद पार्क (अल्फ्रेड पार्क) तक एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान छात्रों ने प्रशासनिक व्यवस्था और पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

लेखपाल भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग
कैंडल मार्च के दौरान छात्रों ने प्रमुख रूप से लेखपाल भर्ती परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक का मुद्दा उठाया। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है, इसलिए सरकार को इस लेखपाल भर्ती परीक्षा को तुरंत रद्द कर देना चाहिए। इसके साथ ही, छात्रों ने उत्तर प्रदेश सब-इंस्पेक्टर (UP SI) भर्ती परीक्षा का स्कोरकार्ड भी जल्द से जल्द जारी करने की पुरजोर मांग की है।

NEET और SSC GD पेपर लीक को लेकर भी जताया विरोध
प्रयागराज में जुटे इन प्रतियोगी छात्रों का गुस्सा सिर्फ लेखपाल भर्ती तक ही सीमित नहीं था। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं जैसे NEET और SSC GD परीक्षा में सामने आए पेपर लीक के मामलों को लेकर भी गहरा आक्रोश व्यक्त किया। छात्रों का कहना है कि बार-बार पेपर लीक होने से सालों तक कड़ी मेहनत करने वाले ईमानदार छात्रों का भविष्य अंधकार में डूब जाता है।

मांगें पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
कैंडल मार्च के अंत में मीडिया और प्रशासन से बात करते हुए प्रतियोगी छात्रों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है। छात्रों ने कहा, “यह हमारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन था। अगर सरकार और संबंधित विभाग हमारी जायज मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं करते हैं, तो छात्र चुप नहीं बैठेंगे। आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा।”

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