BusinessViral

बैंक खाते से पैसे कटने का डर खत्म! RBI ला रहा ‘किल स्विच’, एक क्लिक में रुक जाएगा फ्रॉड

आज के दौर में जहां स्मार्टफोन से पेमेंट करना हमारी रोजमर्रा की आदत बन चुका है, वहीं साइबर ठगी का डर भी हर वक्त सताता रहता है. आपकी इसी चिंता को दूर करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है. केंद्रीय बैंक जल्द ही डिजिटल लेनदेन के लिए एक ‘किल स्विच’ (Kill Switch) फीचर लाने की तैयारी में है. 29 मई को अपनी सालाना रिपोर्ट में RBI ने साफ किया है कि इस नई व्यवस्था के तहत, अगर किसी भी ग्राहक को अपने बैंक खाते में किसी संदिग्ध गतिविधि या धोखाधड़ी की भनक लगती है, तो वह एक ही झटके में अपने खाते से होने वाले सभी निकासी (डेबिट) लेनदेन पर पूरी तरह रोक लगा सकेगा.

बैंक खाते से पैसे कटने का डर खत्म! RBI ला रहा ‘किल स्विच’, एक क्लिक में रुक जाएगा फ्रॉड
बैंक खाते से पैसे कटने का डर खत्म! RBI ला रहा ‘किल स्विच’, एक क्लिक में रुक जाएगा फ्रॉड

पलक झपकते ही लॉक होगा खाता

मौजूदा समय में अगर किसी साइबर ठग के हाथ आपके खाते की जानकारी लग जाए, तो चंद सेकंड में पैसे गायब हो जाते हैं. इस नुकसान को रोकने के लिए ही RBI सभी डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स पर ‘स्विच ऑन’ के साथ ‘स्विच ऑफ’ की सुविधा देने पर विचार कर रहा है. इसके साथ जुड़ने वाला ‘किल स्विच’ आपात स्थिति में एक अचूक सुरक्षा कवच का काम करेगा. जैसे ही आपको किसी फ्रॉड का अंदेशा हो, आप इसे एक्टिवेट कर सकते हैं. फिलहाल ऐसी सुविधा केवल डेबिट या क्रेडिट कार्ड तक सीमित है, जहां ग्राहक मोबाइल ऐप के जरिए अपने कार्ड के लेनदेन को अपनी सुविधानुसार चालू या बंद कर सकते हैं.

Khabar Monkey

बड़े UPI पेमेंट पर कसेगी लगाम

सुरक्षा का यह घेरा सिर्फ स्विच तक सीमित नहीं है. केंद्रीय बैंक यूपीआई (UPI) के जरिए होने वाले बड़े ट्रांजैक्शन को लेकर भी बेहद सतर्क है. हाल ही में यह अहम प्रस्ताव रखा गया था कि जब कोई व्यक्ति पहली बार किसी दूसरे व्यक्ति (P2P) को यूपीआई से कोई बड़ी रकम ट्रांसफर करता है, तो उस प्रक्रिया में जानबूझकर कुछ समय की देरी (टाइम-लैग) की जाए. इसका सीधा फायदा यह होगा कि अगर कोई लेनदेन धोखे से करवाया जा रहा है, तो उसे सिस्टम से पूरा होने से पहले ही ब्लॉक किया जा सकेगा. यह मामूली सी देरी बड़े फ्रॉड को अंजाम तक पहुंचने से पहले ही नाकाम कर देगी.

AI करेगा आपके पैसों की निगरानी

तकनीक के इस युग में साइबर अपराधियों से दो कदम आगे रहने के लिए RBI इसी साल ‘डिजिटल पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म’ (DPIP) भी शुरू करने वाला है. यह अत्याधुनिक सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस होगा. भारत में होने वाले हर एक डिजिटल लेनदेन की रियल-टाइम निगरानी इसी सिस्टम के जरिए की जाएगी. यह प्लेटफॉर्म हर ट्रांजैक्शन को एक जोखिम स्कोर (Risk Score) देगा, जिससे किसी भी तरह की तकनीकी या वित्तीय गड़बड़ी की तुरंत पहचान हो जाएगी. बैंक के सर्वे के अनुसार, सुविधा और तेजी के कारण देश के 52 फीसदी लोग डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं 67 फीसदी व्यापारियों का व्यापार भी इसके जरिए बढ़ा है.

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply