Kanpur Gangrape Case: यूपी के कानपुर गैंगरेप केस में आरोपी निलंबित दारोगा अमित मौर्या को गिरफ्तार कर लिया गया है। अमित मौर्या पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा गया था और वो लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस ने अमित मौर्या को सचेंडी थाना क्षेत्र के सोना गांव से पकड़ा। गिरफ्तारी से बचने के लिए वो लगातार ठिकाने बदल रहा था। इस दौरान, वो सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर सफाई भी देता रहा था। जानें पूरा मामला क्या है।

निलंबित दरोगा का साथी पहले ही हो चुका है गिरफ्तार
वारदात के बाद 5 महीने से निलंबित दारोगा अमित मौर्या फरार था। अमित मौर्या पर 50 हजार रुपये का इनाम था। 5 जनवरी, 2026 को उसने शिवबरन यादव के साथ मिलकर 14 साल की नाबालिग से गैंगरेप को कथित रूप से अंजाम दिया था। पुलिस इस मामले में शिवबरन को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट तक गया आरोपी दरोगा
निलंबित दरोगा अमित मौर्या ने इस मामले को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी लेकिन अदालत ने उसकी अर्जी को खारिज कर दिया था। जिसके बाद पुलिस लगातार अमित मौर्या की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी। फिलहाल अमित मौर्या से पूछताछ की जा रही है।
निलंबित SI को पकड़ने के लिए लगीं क्राइम ब्रांच की 4 टीमें
गौरतलब है कि घटना के बाद SI अमित मौर्या को सस्पेंड कर दिया गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच समेत 4 टीम लगाई गई थीं। गैंगरेप मामले में अमित मौर्या के खिलाफ 500 पेज की चार्जशीट दाखिल हुई है। लंबे समय से निलंबित दरोगा की तलाश की जा रही थी और गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। अब आखिरकार वह पकड़ में आ गया है।
Khabar Monkey
मुकदमा दर्ज होने के तुरंत बाद ही फरार हो गया था आरोपी दरोगा
इस मामले में इससे पहले मुख्य आरोपी शिवबरन यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, मुकदमा दर्ज होने के बाद से अमित मौर्या फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। इसी दौरान वह इंटरनेट मीडिया पर वीडियो और पोस्ट के जरिए खुद को बेगुनाह बताते हुए अपनी सफाई भी देता रहा।





