इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने 8वें वेतन आयोग के लिए कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने को लेकर बड़ा प्रस्ताव दिया है. रेलवे संगठन ने अलग-अलग स्तर के कर्मचारियों के लिए अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की है. यह मांग 2.92 से 4.38 तक के फिटमेंट फैक्टर की है. जबकि ज्यादातर कर्मचारी और पेंशन संगठनों ने सभी कर्मचारियों के लिए एक ही फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश की है.
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IRTSA ने सुझाए ये फिटमेंट फैक्टर
IRTSA ने सरकार से कहा है कि पहले की तरह सभी के लिए एक फिटमेंट फैक्टर वाला तरीका अब नहीं अपनाया जाए. इसके बजाय कर्मचारियों के वेतन स्तर के हिसाब से 5 अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर लागू किए जाएं.
IRTSA के प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर
- लेवल 1-5 : 2.92
- लेवल 6-8 : 3.50
- लेवल 9-12 : 3.80
- लेवल 13-16 : 4.09
- लेवल 17-18 : 4.38
IRTSA ने रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स के लिए नया कैडर स्ट्रक्चर और शुरुआती वेतन भी सुझाया है.
- जूनियर इंजीनियर (Level-7) 1,57,400 रुपये
- सीनियर सेक्शन इंजीनियर (Gr-B, Level-8) 1,66,800 रुपये
- असिस्टेंट मैनेजर (Gr-B, Level-9) 2,01,600 रुपये
- मैनेजर (Gr-B, Level-10) 2,13,000 रुपये
- सीनियर मैनेजर (Gr-A, Level-11) 2,57,000 रुपये
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर वह मल्टीप्लायर होता है, जिसके जरिए केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स की नई सैलरी तय की जाती है. 7वें वेतन आयोग में सभी कर्मचारियों के लिए 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था. यानी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी को 2.57 से गुणा करके नई सैलरी तय हुई थी.
कैसे बढ़ सकती है सैलरी?
उदाहरण के तौर पर अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 20,000 रुपये है और फिटमेंट फैक्टर 2.92 लागू होता है, तो नई सैलरी 58,400 रुपये हो सकती है. इसी तरह 45,000 रुपये बेसिक पे वाले कर्मचारी की सैलरी 3.50 फिटमेंट फैक्टर पर 1,57,500 रुपये हो सकती है. वहीं 1.20 लाख रुपये बेसिक पे वाले कर्मचारी की सैलरी 4.09 फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से करीब 4,90,800 रुपये तक पहुंच सकती है. हालांकि ये सिर्फ अनुमानित गणनाएं हैं. सरकार की तरफ से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.





