आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या तेजी से बढ़ रही है. अक्सर लोग इसे केवल दिल से जुड़ी परेशानी मानते हैं, लेकिन इसका असर शरीर के अन्य अंगों पर भी पड़ सकता है. कई लोग शुरुआती संकेतों को सामान्य थकान या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार लोगों को लंबे समय तक पता ही नहीं चलता कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है.
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आजकल खराब खानपान, , कम शारीरिक एक्टिविटी और नींद की कमी के कारण हाई बीपी की समस्या तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में समय-समय पर बीपी की जांच और स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाना बेहद जरूरी माना जाता है. आइए जानते हैं कि हाई बीपी और ब्रेन हेल्थ के बीच क्या संबंध माना जाता है.
क्या हाई बीपी का असर याददाश्त और ब्रेन हेल्थ पर पड़ सकता है?
के मुताबिक, लंबे समय तक हाई बीपी रहने पर दिमाग की ब्लड वेसल्स प्रभावित हो सकती हैं. इससे ध्यान लगाने, सोचने-समझने और चीजों को याद रखने की क्षमता पर असर पड़ सकता है. अगर दिमाग तक फ्लो सही तरीके से न पहुंचे, तो धीरे-धीरे ब्रेन हेल्थ प्रभावित हो सकती है. कुछ लोगों में बार-बार भूलने की समस्या, फोकस करने में परेशानी और मानसिक थकान जैसे संकेत दिखाई दे सकते हैं.
हालांकि हर व्यक्ति में इसका असर अलग हो सकता है. इसलिए हाई बीपी को लंबे समय तक नजरअंदाज करना सही नहीं माना जाता. समय-समय पर बीपी मॉनिटरिंग, संतुलित डाइट, पर्याप्त नींद और तनाव कंट्रोल दिमाग और शरीर दोनों की सेहत के लिए जरूरी हैं.
किन संकेतों में बीपी और ब्रेन हेल्थ की जांच करानी चाहिए?
बार-बार भूलना, ध्यान लगाने में परेशानी, चक्कर आना और लगातार सिरदर्द जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर लंबे समय से बढ़ा हुआ रहता हो, तो नियमित जांच जरूरी हो सकती है.
कुछ लोगों में कमजोरी, भ्रम की स्थिति या सोचने-समझने में दिक्कत भी महसूस हो सकती है. ऐसे संकेत दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी माना जाता है.
हाई बीपी और ब्रेन हेल्थ को बेहतर रखने के लिए क्या करें?
नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेते रहें. संतुलित डाइट लें और नमक का सेवन सीमित रखें. रोजाना व्यायाम करें, पर्याप्त नींद लें और तनाव को कंट्रोल रखने की कोशिश करें. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना भी फायदेमंद माना जाता है.





