पश्चिम बंगाल में हालिया राजनीतिक झटकों और चुनावी चुनौतियों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) देश की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली क्षेत्रीय पार्टियों में दूसरे स्थान पर रही. पार्टी ने वित्त वर्ष 2024-25 में 219.35 करोड़ रुपये की आय घोषित की, जबकि उसे सबसे ज्यादा 184.08 करोड़ रुपये का चंदा भी मिला है.
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ADR की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने सबसे ज्यादा 228.31 करोड़ रुपये की आय दर्ज की. इसके ठीक बाद ममता बनर्जी की अगुवाई वाली अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) रही, जिसकी कुल आय 219.35 करोड़ रुपये रही. YSR कांग्रेस 140.39 करोड़ रुपये की कमाई के साथ तीसरे स्थान पर रही. रिपोर्ट में बताया गया कि अध्ययन में शामिल शीर्ष पांच क्षेत्रीय पार्टियों ने कुल आय में करीब 69 प्रतिशत योगदान दिया. वहीं कुल खर्च का 77 प्रतिशत हिस्सा भी इन्हीं पार्टियों का रहा.
चंदे के मामले में सबसे आगे रही तृणमूल कांग्रेस
रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्रीय दलों की आय का सबसे बड़ा जरिया स्वैच्छिक योगदान और चंदा रहा. कुल 702.36 करोड़ रुपये का चंदा और योगदान दर्ज किया गया, जो कुल आय का 58.88 प्रतिशत है. इस मामले में AITC सबसे आगे रही. पार्टी को 184.08 करोड़ रुपये का चंदा मिला. इसके बाद YSR कांग्रेस को 140.05 करोड़ रुपये और TDP को 85.20 करोड़ रुपये का योगदान मिला. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह आंकड़ा दिखाता है कि तमाम राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद ममता बनर्जी की पार्टी की फंड जुटाने की क्षमता मजबूत बनी हुई है.
आय घटी, लेकिन खर्च बढ़ा
ADR की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 36 क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों की कुल आय में भारी गिरावट दर्ज की गई. वित्त वर्ष 2023-24 में इन पार्टियों की कुल आय 2,463.17 करोड़ रुपये थी, जो 2024-25 में घटकर 1,192.94 करोड़ रुपये रह गई. यानी कुल आय में 51.57 प्रतिशत की गिरावट आई. हालांकि आय घटने के बावजूद पार्टियों का खर्च कम नहीं हुआ. इन 36 पार्टियों ने मिलकर 1,433.07 करोड़ रुपये खर्च किए, जो उनकी कुल कमाई से करीब 240 करोड़ रुपये ज्यादा है.
AITC ने भी कमाई से ज्यादा खर्च किए
रिपोर्ट के अनुसार, 21 क्षेत्रीय पार्टियों ने अपनी आय से ज्यादा खर्च किया. इसमें तृणमूल कांग्रेस भी शामिल रही. AITC ने 227.59 करोड़ रुपये का खर्च दिखाया, जो उसकी कुल आय से अधिक है. YSR कांग्रेस सबसे ज्यादा घाटे में रही. पार्टी ने अपनी आय से 199.82 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च किए. इसके अलावा BRS, BJD, जनता दल यूनाइटेड और समाजवादी पार्टी ने भी आय से ज्यादा खर्च दर्ज किया.
चुनाव प्रचार में खर्च हुए करोड़ों
ADR रिपोर्ट में कहा गया कि कई क्षेत्रीय पार्टियों ने अपने कुल खर्च का बड़ा हिस्सा चुनाव प्रचार में लगाया. 15 पार्टियों ने अपने खर्च का 55 प्रतिशत से ज्यादा चुनाव अभियान पर खर्च किया. YSR कांग्रेस ने चुनाव प्रचार पर सबसे ज्यादा 299.92 करोड़ रुपये खर्च किए. इसके बाद बीजू जनता दल (BJD) ने 270.66 करोड़ रुपये और भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने 147.99 करोड़ रुपये खर्च किए.
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