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गुरुग्राम से नैनीताल का सफर अब होगा सुपरफास्ट! नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से बचेगा 3 घंटे से ज्यादा समय

दिल्ली-एनसीआर और गुरुग्राम से नैनीताल घूमने जाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब पहाड़ों का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने वाला है। बरेली-हल्द्वानी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की शुरुआत हो चुकी है, जिसके बाद दिल्ली-एनसीआर से उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र तक पहुंचने में लगने वाला समय 3 घंटे से ज्यादा कम हो सकता है। यह नया एक्सप्रेसवे यात्रियों को ट्रैफिक जाम और खराब रास्तों से राहत देगा।

गुरुग्राम से नैनीताल का सफर अब होगा सुपरफास्ट! नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से बचेगा 3 घंटे से ज्यादा समय
गुरुग्राम से नैनीताल का सफर अब होगा सुपरफास्ट! नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से बचेगा 3 घंटे से ज्यादा समय

यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे करीब 100 किलोमीटर लंबा होगा। इसे पूरी तरह नए रूट पर बनाया जा रहा है, ताकि पुराने हाईवे पर पड़ने वाले भारी ट्रैफिक और भीड़भाड़ से छुटकारा मिल सके। यह चार लेन वाला आधुनिक एक्सप्रेसवे होगा, जहां वाहनों की आवाजाही तेज और सुरक्षित तरीके से हो सकेगी।

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किन शहरों के ट्रैफिक से मिलेगी राहत?

इस नए एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्रियों को रुद्रपुर, किच्छा, लालकुआं, पंतनगर और बहेड़ी जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। अभी इन क्षेत्रों में अक्सर लंबा जाम लगता है, जिससे यात्रियों का काफी समय बर्बाद होता है।

दिल्ली-गुरुग्राम से सफर होगा आसान

नए एक्सप्रेसवे के बनने के बाद गुरुग्राम और दिल्ली से हल्द्वानी तक का सफर काफी तेज हो जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोग अब 4 घंटे से भी कम समय में उत्तराखंड के पहाड़ी प्रवेश द्वार हल्द्वानी तक पहुंच सकेंगे। इससे वीकेंड ट्रिप पर जाने वाले पर्यटकों को बड़ा फायदा मिलेगा।

पर्यटन और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

यह एक्सप्रेसवे सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि स्थानीय कारोबार और पर्यटन उद्योग के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। हल्द्वानी, नैनीताल, भीमताल, रानीखेत और अल्मोड़ा जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। साथ ही पंतनगर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से व्यापार को भी गति मिलेगी। यह एक कंट्रोल्ड एक्सेस एक्सप्रेसवे होगा, जिससे सड़क हादसों की संभावना कम होगी। अलग लेन और बेहतर सड़क डिजाइन के कारण लंबी दूरी का सफर ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बनने की उम्मीद है।

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