इन दिनों लीची का सीजन चल रहा है। बाजार में ताजा, मीठी और रसीली लीची मिल रही हैं। बच्चों और बड़े सभी को लीची का स्वाद खूब पसंद आता है। सीजनल फल होने की वजह से लोग जमकर खाते हैं। छिलका हटाते ही लोग लीची को मुंह में रख लेते हैं और मुंह में ही लोग पूरी लीची खाने के बाद गुठली को बाहर निकालते हैं। ऐसे में सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि कई बार लीची के अंदर कीड़ा होता है। लीची का कीड़ा ऐसी जगह छुपा होता है जो कई बार ऊपर से नहीं दिखता। लीची का कीड़ा लीची के रंग का ही होता है। इसलिए अगर बहुत ध्यान से न देखा जाए तो कीड़े का पता भी नहीं लगता। जानिए लीची में कीड़ा कहां छुपा होता है?

लीची में कीड़ा कहां होता है?
लीची के अंदर कीड़ा ज्यादातर फल के डंठल वाले हिस्से या सीधे गूदे और बीज के बीच छिपा होता है। इसलिए लीची को बिना गुठली हटाए सीधे मुंह में डालना सही नहीं है। लीची में मादा कीड़ा अक्सर डंठल के पास अंडे देती है। जब इल्ली बड़ी होती है, तो यह छिलके को खाकर अंदर चली जाती है। ये कीड़ा बीज और गूदे के बीच में रहता है या गूदे को खाता है।
लीची में कीड़ा है या नहीं कैसे पहचानें?
डंटल और छिलके पर बुरादा- लीची में अगर कीड़ा है तो ऐसे फल के डंठल और छिलके का ऊपरी भाग के पास हल्का-सा बुरादा या कई बार छेद जैसा नजर आता है। ऐसी लीची की सतह पर भूरे रंग की दानेदार गंदगी दिखाई देती है। इससे पता चलता है कि लीची में कीड़ा है। ये कीड़ा जब फल को अंदर खाता है, तो बाहर मल छोड़ता है। इससे पता चलता है कि लीची के अंदर कीड़ा हो सकता है।
Khabar Monkey
छेद से झाग आए- अगर आप लीची खरीद रहे हैं तो ध्यान से चेक कर लें। कई बार फल में एक छोटा सा छेद नजर आता है और इसमें से कुछ झाग और दूध जैसा निकलता है। ऐसा तब होता है जब कीड़ा तेजी से फल को खा रहा होता है। इसलिए झाग जैसा लीची पर नजर आए तो इसे नहीं खाना चाहिए। इस तरह की लीची में बैक्टीरिया हो सकता है।
लीची के गूदे पर खमीर उठना- अगर लीची के अंदर से खमीर जैसा उठने लगे और लीची से अजीब की बदबू आए तो समझ लें कि फल अदर से सड़ने लगा है या उसमें कीड़ा है। जिस लीची में कीड़ा होता है वो जल्दी खराब होती है। लीची में जब कीड़ा लगता है तो उस कीड़े के मुंह से बैक्टीरिया और यीस्ट लीची में जाता है जो उसे जल्दी खराब करता है।
लीची कैसे खाएं
लीची खाने से पहले उन्हें पानी से धो लें। अब लीची को छील लें और अब बीज के आसपास चेक कर लें कि कीड़ा तो नहीं है। अब लीची को कट करके उसकी गुठली निकाल लें। अंदर से भी देख लें कि कीड़ा तो नहीं है और गुठली में कोई छेद तो नहीं है। ऐसी लीची को आप खा सकते हैं। लीची का कीड़ा सफेद रंग का होता है इसलिए बहुत ध्यान से चेक करें।
|
|





