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दही में मिक्स करके खाएं ये 3 चीजें, Cholesterol और Triglycerides कंट्रोल रखने में मिल सकती है मदद; एक्सपर्ट की सलाह

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खानपान का सही होना बेहद जरूरी है। आजकल की सुस्त जीवनशैली और तैलीय भोजन के कारण खून में बैड कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) और ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) का स्तर बढ़ना एक गंभीर समस्या बन चुका है, जो सीधे हमारे दिल की सेहत को प्रभावित करता है। कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए दवाओं का सेवन और डाइट में कंट्र्रोल करना बेहद जरूरी है। न्यूट्रिशनिस्ट और हेल्थ एक्सपर्ट कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड को कंट्रोल करने के लिए कुछ देसी और असरदार चीजों का सेवन करने की सलाह देते हैं जो दिल के लिए महफूज हैं।

दही में मिक्स करके खाएं ये 3 चीजें, Cholesterol और Triglycerides कंट्रोल रखने में मिल सकती है मदद; एक्सपर्ट की सलाह
दही में मिक्स करके खाएं ये 3 चीजें, Cholesterol और Triglycerides कंट्रोल रखने में मिल सकती है मदद; एक्सपर्ट की सलाह

Dr. Bhushan Research Lab के संस्थापक डॉक्टर भूषण जो  Ayurveda और साइंस-बेस्ड तरीके से बीमारियों का समाधान बताते हैं, ने कोलेस्ट्रॉल  और ट्राइग्लिसराइड कंट्रोल करने के लिए खाने में ओट्स,अलसी के बीज और सीलोन दालचीनी का सेवन करने की सलाह दी है। फाइबर और ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर ये चीजें कोलेस्ट्रॉल और ट्राईग्लिसराइड कंट्रोल करने में मदद करती हैं। इसका सेवन करने से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और दिल हेल्दी रहता है। आइए जानते हैं कि दही के साथ इन 3 चीजों का सेवन कैसे दिल की सेहत को दुरुस्त करता है।

ओट्स: घुलनशील फाइबर का बेहतरीन स्रोत

American Journal of Clinical Nutrition और Harvard Health Publishing में प्रकाशित एक विस्तृत मेटा-एनालिसिस के अनुसार ओट्स में मौजूद ‘बीटा-ग्लूकॉन’ नामक घुलनशील फाइबर जब पेट के तरल पदार्थों के साथ मिलता है, तो यह एक गाढ़ा, जेल जैसा पदार्थ बनाता है। रिसर्च के अनुसार, यह जेल आंतों में जाकर कोलेस्ट्रॉल से भरपूर पित्त एसिड (Bile Acids) को अपने साथ बांध लेता है और शरीर से बाहर निकाल देता है। अध्ययन बताते हैं कि रोजाना केवल 3 ग्राम बीटा-ग्लूकॉन का सेवन करने से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) में 5% से 10% तक की कमी आ सकती है। रिसर्च के मुताबिक हार्ट को हेल्दी रखने के लिए ओट्स खाएं।

अलसी के बीज: दिल और नसों के लिए फायदेमंद

मेडिकल जर्नल Atherosclerosis और Nutrition Research की एक रिपोर्ट के मुताबिक अलसी के बीजों में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) पाया जाता है, जो एक प्लांट-बेस्ड ओमेगा-3 फैटी एसिड है। इसके अलावा इसमें ‘लिग्नांस’ (Lignans) नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। क्लिनिकल ट्रायल्स में देखा गया है कि अलसी के बीजों का नियमित सेवन धमनियों (Arteries) की दीवारों पर प्लाक या फैट जमने की प्रक्रिया को धीमा करता है और खून में ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) के स्तर को 10% से 15% तक कम कर सकता है, जिससे नसों की ब्लॉकेज का खतरा टल जाता है। अलसी के बीज नसों में फैट जमा होने की प्रक्रिया को धीमा करने और ट्राइग्लिसराइड्स कम करने में मदद कर सकते हैं। नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने पर यह दिल की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।

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दालचीनी: ब्लड शुगर और फैट कंट्रोल में मददगार

अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन का जर्नल और Journal of Traditional and Complementary Medicine के एक क्लिनिकल अध्ययन के अनुसार टाइप-2 डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित मरीजों पर किए गए एक बड़े शोध में पाया गया कि रोजाना केवल 1 से 6 ग्राम दालचीनी का सेवन करने से न सिर्फ ब्लड शुगर लेवल कम होता है, बल्कि यह सीरम ट्राइग्लिसराइड्स, खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) और टोटल कोलेस्ट्रॉल को भी काफी हद तक कम करता है। दालचीनी में मौजूद ‘सिनेमा डिहाइड’ (Cinnamaldehyde) इंसुलिन की कार्यप्रणाली को सुधारता है, जिससे शरीर में अतिरिक्त फैट जमा नहीं हो पाता। दालचीनी में मौजूद कंपाउंड्स शरीर के मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करने में मदद कर सकते हैं। ये शरीर में अतिरिक्त फैट जमा होने का खतरा कम करती है।

दही: प्रोबायोटिक्स का नेचुरल स्रोत

British Journal of Nutrition और European Journal of Clinical Nutrition में प्रकाशित एक कार्डियोवैस्कुलर स्टडी के अनुसार आधुनिक विज्ञान ‘गट-हार्ट एक्सिस’ (Gut-Heart Axis) यानी पेट और दिल के आपसी संबंध पर जोर देता है। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स जैसे Lactobacillus acidophilus आंतों के भीतर जाकर भोजन में मौजूद कोलेस्ट्रॉल को सोख लेते हैं और उसे ब्लड स्ट्रीम (खून) में मिलने से पहले ही नष्ट कर देते हैं। जो लोग रोजाना एक कटोरी ताजा दही या छाछ का सेवन करते हैं, उनमें सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है और HDL कोलेस्ट्रॉल का स्तर नॉर्मल होता है। दही में मौजूद गुड बैक्टीरिया पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। बेहतर पाचन से शरीर पोषक तत्वों को सही तरीके से अवशोषित कर पाता है। कुछ अध्ययनों के अनुसार, प्रोबायोटिक्स कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित रखने में भी सहायक हो सकता हैं।

ओट्स, अलसी के बीज और दालचीनी का सेवन कैसे करें

दही के साथ ओट्स, अलसी के बीज और सिगार वाली दालचीनी मिलाकर खाना हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसके लिए 2 चम्मच ओट्स, 4–5 चम्मच दही, 1 चम्मच हल्की पिसी अलसी और एक चुटकी सिगार वाली दालचीनी को अच्छी तरह मिक्स करें। इसे 5 मिनट के लिए छोड़ दें। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें थोड़ा सेब या पपीता भी मिला सकते हैं। इसे नाश्ते या इवनिंग स्नैक्स के रूप में लिया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी बीमारी या डाइट प्लान को अपनाने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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