Viral

Firaq Gorakhpuri Shayari: एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें…यहां पढ़ें फ़िराक़ गोरखपुरी की 10 मशहूर शायरी

फ़िराक़ गोरखपुरी बीसवीं सदी के सबसे प्रसिद्ध और सम्मानित उर्दू शायरों, लेखकों में से एक थे। उन्हें उर्दू शायरी को एक नया आयाम देने और उसे आम आदमी के सुख-दुख से जोड़ने के लिए जाना जाता है। फ़िराक़ गोरखपुरी की शायरी में पारंपरिक उर्दू शायरी का हुस्न और इश्क तो था ही, साथ ही उसमें आधुनिक विचार, दर्शन और भारतीय संस्कृति की गहरी झलक भी मिलती थी। उन्होंने उर्दू ग़ज़ल को पारंपरिक बंदिशों से निकालकर उसमें आम जीवन की सादगी और गहराई को पिरोया। उनकी शायरी में हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी साहित्य का एक अनोखा संगम देखने को मिलता है। ऐसे में यहां हम उनकी 10 सबसे मशहूर शायरी लेकर आए हैं। 

Firaq Gorakhpuri Shayari: एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें...यहां पढ़ें फ़िराक़ गोरखपुरी की 10 मशहूर शायरी
Firaq Gorakhpuri Shayari: एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें…यहां पढ़ें फ़िराक़ गोरखपुरी की 10 मशहूर शायरी

1.एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें
और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं

2. शाम भी थी धुआं धुआं हुस्न भी था उदास उदास
दिल को कई कहानियाँ याद सी आ के रह गईं

3. बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं
तुझे ऐ ज़िंदगी हम दूर से पहचान लेते हैं

4. कोई समझे तो एक बात कहूँ
इश्क़ तौफ़ीक़ है गुनाह नहीं

5. मौत का भी इलाज हो शायद
ज़िंदगी का कोई इलाज नहीं

6. हम से क्या हो सका मोहब्बत में
ख़ैर तुम ने तो बेवफ़ाई की

Khabar Monkey

7. मैं हूं दिल है तन्हाई है
तुम भी होते अच्छा होता

8. तेरे आने की क्या उमीद मगर
कैसे कह दूँ कि इंतिज़ार नहीं

9. आए थे हंसते खेलते मय-ख़ाने में ‘फ़िराक़’
जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए

10. न कोई वा’दा न कोई यक़ीं न कोई उमीद
मगर हमें तो तिरा इंतिज़ार करना था

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply