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ONGC Q4 Results: सरकारी तेल कंपनी का मुनाफा 20% घटा, फिर भी निवेशकों को मिलेगा डिविडेंड का तोहफा!

देश की दिग्गज सरकारी तेल कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) ने मार्च तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. इस बार कंपनी का बही-खाता मिला-जुला रहा. एक तरफ जहां कंपनी की आमदनी में जोरदार इजाफा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ शुद्ध मुनाफे (Net Profit) में करीब 20 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि, मुनाफे में इस कमी के बावजूद कंपनी ने अपने निवेशकों को निराश नहीं किया है. बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है, जिससे आम निवेशकों को सीधा फायदा पहुंचेगा.

ONGC Q4 Results: सरकारी तेल कंपनी का मुनाफा 20% घटा, फिर भी निवेशकों को मिलेगा डिविडेंड का तोहफा!
ONGC Q4 Results: सरकारी तेल कंपनी का मुनाफा 20% घटा, फिर भी निवेशकों को मिलेगा डिविडेंड का तोहफा!

आमदनी बढ़ी मुनाफा कैसे घटा

मार्च तिमाही के आंकड़ों पर बारीकी से गौर करें तो ONGC का रेवेन्यू शानदार रहा. कंपनी ने इस तिमाही में 35,928 करोड़ रुपये की कमाई की है. यह आंकड़ा पिछली तिमाही के 31,547 करोड़ रुपये के मुकाबले 13.9 फीसदी ज्यादा है. यानी बिक्री के मोर्चे पर कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है. लेकिन, जब बात मुनाफे की आती है, तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखती है.

कंपनी का नेट प्रॉफिट तिमाही आधार पर 20.6% गिरकर 6,650 करोड़ रुपये पर आ गया है, जबकि पिछली तिमाही में यह मुनाफा 8,372 करोड़ रुपये था. मुनाफे में इस गिरावट का सीधा असर कंपनी के एबिटडा (EBITDA) मार्जिन पर भी पड़ा है. EBITDA 17.1% फिसलकर 12,666 करोड़ रुपये रह गया, जो पहले 15,272 करोड़ रुपये हुआ करता था. इसी वजह से मार्जिन भी 48.4% से लुढ़ककर 35.3% पर आ गया है.

निवेशकों के लिए डिविडेंड का ऐलान

मुनाफे में गिरावट के बाद भी ONGC ने शेयरधारकों का पूरा ख्याल रखा है. कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है. यह डिविडेंड 1 रुपये प्रति इक्विटी शेयर होगा (जिसकी फेस वैल्यू 5 रुपये है). यानी निवेशकों को 20 फीसदी का लाभांश मिलेगा. हालांकि, इस फैसले पर आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की अंतिम मुहर लगनी बाकी है.

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शेयर बाजार में भी कंपनी के शेयरों की चाल स्थिर देखने को मिली. नतीजों के ऐलान से ठीक पहले मंगलवार को BSE पर ONGC का शेयर मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ. यह 2.55 रुपये (0.89%) चढ़कर 287.50 रुपये के स्तर पर रुका. साथ ही, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि 31 मार्च 2026 तक उसके 1,000 करोड़ रुपये के असुरक्षित नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) बकाया हैं, जिन पर सेबी के नियमों के तहत सिक्योरिटी कवर सर्टिफिकेट लागू नहीं होता है.

गुजरात में बनेगा नया लिक्विड पोर्ट

भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ONGC ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है. कंपनी अब गुजरात के दहेज में एक नया लिक्विड पोर्ट विकसित करने जा रही है. इसकी क्षमता 5 MMTPA (मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष) होगी. इसके लिए बोर्ड ने गुजरात मेरीटाइम बोर्ड (GMB) के साथ 50:50 की हिस्सेदारी वाला एक जॉइंट वेंचर बनाने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है.

मैनेजमेंट का मानना है कि इस बड़े प्रोजेक्ट से उसका एकीकृत ऊर्जा कारोबार और अधिक मजबूत होगा. क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स क्षमता बेहतर होने से लंबी अवधि में कंपनी को सीधा फायदा मिलेगा. हालांकि, इस प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने से पहले भारत सरकार के निवेश विभाग (DIPAM) की अंतिम मंजूरी अनिवार्य होगी.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

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