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फिर से धोखा! बातचीत के बीच US ने सेल्फ डिफेंस के नाम पर किया अटैक, ईरान ने फिर क्या किया?

ईरान के बड़े नेता टेबल पर बैठे हैं। दूसरी तरफ उसी वक्त ईरान में धमाकों की खबर आती है। अमेरिका कहता है हमने सेल्फ डिफेंस में हमला किया। यानी एक तरफ शांति की बातचीत दूसरी तरफ हमला। यही इस वक्त वेस्ट एशिया की सबसे बड़ी और ताजी तस्वीर है। अमेरिकी सेना ने 26 मई को कहा कि उसने दक्षिणी ईरान के कुछ ठिकानों पर सेल्फ डिफेंस स्ट्राइक की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टीम हॉकिंस के मुताबिक यह हमला अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए किए गए। अमेरिका का दावा है कि ईरानी फोर्सेस की तरफ से खतरा था। इसलिए मिसाइल लॉन्च साइट्स पर और उन नावों को निशाना बनाया गया जो समुद्र में माइंस यानी कि बारूदी सुरंगे बिछा रही थी। यह हमला दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास में हुआ है। अमेरिका ने यह भी कहा है कि सीजफायर अभी लागू है और वह संयम बरत रहा है। 

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अमेरिकी पक्ष का कहना है कि उनके किसी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा है। इसी बीच ईरानी मीडिया ने दक्षिणी शहर बंदर अब्बास में धमाकों की खबर दी। हालांकि ईरान का कहना है कि हालात कंट्रोल में हैं। अभी तक ऑपरेशन कितना बड़ा था, कितनी जगहों पर हमला हुआ इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। यह सब उस समय हुआ जब ईरान और अमेरिका के बीच क़तर में बड़ी बातचीत चल रही है। ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अराची, संसद स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालिबा और सेंट्रल बैंक गवर्नर अब्दुल्ला नासिर हिमती दोहा पहुंचे हैं। मकसद है करीब 3 महीने से चल रहे अमेरिका इजराइल बनाम ईरान जंग को खत्म करने के लिए समझौते का रास्ता निकालना।  ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है या तो ऐसा शानदार समझौता होगा जो सभी के लिए अच्छा हो वरना कोई समझौता नहीं होगा और अगर बात नहीं बनी तो फिर लड़ाई और गोलीबारी दोबारा शुरू हो सकती है। पहले से भी ज्यादा बड़ी और खतरनाक लेकिन ऐसा कोई नहीं चाहता। यह डॉन्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रुथ सोशल पर जो सोशल मीडिया अकाउंट है उनका उससे यह जानकारी दी है। एपी की रपर्ट के मुताबिक ट्रंप ने एक और ऑफर सामने रखा है। उन्होंने कहा है कि ईरान जंग खत्म करने वाले किसी भी समझौते में कई देशों को अब्राहम एक्स पर साइन करना चाहिए। इनमें सऊदी अरब, पाकिस्तान, कतर, तुर्की, मिस्र और जॉर्डन जैसे देशों का नाम शामिल है। 

होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व क्यों है?

होर्मुज जलडमरूमध्य निस्संदेह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुद्री मार्ग है। ईरान और ओमान के बीच स्थित यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है, और तेल समृद्ध मध्य पूर्व को वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाला एकमात्र समुद्री मार्ग है। इस संकरे जलमार्ग से होकर गुजरने वाली ऊर्जा की भारी मात्रा इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी बनाती है। प्रतिदिन लगभग 2 करोड़ बैरल पेट्रोलियम और कच्चे तेल का परिवहन इस जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। यह वैश्विक स्तर पर समुद्री मार्ग से होने वाले तेल व्यापार का लगभग 25 प्रतिशत है।

Khabar Monkey

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