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दुबई से पति ने भेजी खून पसीने की कमाई, पत्नी ने खरीद लिए 6 प्लॉट, ब्रोकर की सच्चाई आई सामने तो… MDA के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा

Moradabad Fraud News: ​उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में धोखाधड़ी का ऐसा मामला दर्ज हुआ है, जिसे जानकर आप भी दंग रह जाएंगे. दरअसल, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) के छह आवासीय प्लॉट बेहद सस्ते दामों पर दिलाने का लालच देकर एक महिला से लाखों रुपये हड़प लिए गए हैं. जालसाजों ने पीड़िता को अपने जाल में फंसाकर कुल 34.19 लाख रुपये की बड़ी रकम ऐंठ ली. ठगी की शिकार महिला मझोला थाना इलाके के आजाद नगर इलाके की निवासी यासमीन जहरा हैं, जिनके पति जीशान हैदर में दुबई में रहकर नौकरी करते हैं.

दुबई से पति ने भेजी खून पसीने की कमाई, पत्नी ने खरीद लिए 6 प्लॉट, ब्रोकर की सच्चाई आई सामने तो… MDA के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा
दुबई से पति ने भेजी खून पसीने की कमाई, पत्नी ने खरीद लिए 6 प्लॉट, ब्रोकर की सच्चाई आई सामने तो… MDA के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा

पीड़िता को झांसा देने के लिए मुख्य आरोपी ने खुद को MDA के एक बड़े अधिकारी का करीबी बताया था. आरोपियों ने महिला का विश्वास जीतने के लिए बकायदा फर्जी आवंटन पत्र और कब्जा पत्र भी तैयार करके उसे सौंपे थे, जिससे महिला को किसी तरह का शक न हो. हालांकि, जब पीड़िता ने खुद जमीन पर निर्माण कार्य होते देखा और बाद में सरकारी दफ्तर जाकर उन दस्तावेजों की सच्चाई जानी, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. सरकारी रिकॉर्ड में वे सभी कागजात पूरी तरह से फर्जी और कूटरचित पाए गए.

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ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने तुरंत पुलिस की शरण ली. मझोला थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए पीड़ित महिला की तहरीर के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है.

महिला की शिकायत पर मुकदमा दर्ज, जांच शुरू

​महिला द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में बातया, करीब पांच साल पहले उसके पड़ोस में रहने वाले फरमान रजा उर्फ बाबू ने उसकी मुलाकात संभल जिले के हजरतनगर गढ़ी थाना इलाके (सदात सराय सिरसी) के रहने वाले मारूफ नाम के व्यक्ति से कराई थी. फरमान ने दावा किया था कि मारूफ एमडीए के एक रसूखदार अधिकारी की गाड़ी चलाता है, जिसके कारण उसकी विभाग में अच्छी पैठ है और वह आजाद नगर में एमडीए के छह प्लॉट बेहद कम कीमत पर दिलवा सकता है.

झांसे में आकर महिला ने शुरुआत में मारूफ को 12 लाख रुपये नकद दे दिए थे. इसके बाद, फरमान ने बीते दो वर्षों के दौरान किस्तों में धीरे-धीरे करके महिला से कुल 34 लाख रुपये और वसूल लिए. रकम पूरी होने पर आरोपियों ने महिला को फर्जी कागजात थमा दिए थे. जुलाई 2024 में जब महिला ने एक प्लॉट पर कंस्ट्रक्शन होते देखा, तो आरोपियों ने उसे यह कहकर गुमराह किया कि एमडीए खुद इसे बनाकर उसे देने वाला है. बाद में जब महिला ने एमडीए कार्यालय में पड़ताल की, तो जालसाजी पकड़ी गई है. आरोप है कि विरोध करने पर फरमान के बड़े भाई इमरान ने फोन पर महिला को धमकी भी दी. पुलिस के मुताबिक, पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है और आरोपियों की तलाश की जा रही है.

प्लॉट खरीदने से पहले ध्यान दें…

मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) से प्लॉट खरीदने के लिए आप इसकी आधिकारिक वेबसाइट या दिल्ली रोड स्थित कार्यालय के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. प्राधिकरण समय-समय पर अटलपुरम या गोविंदपुरम जैसी आवासीय योजनाएं निकालता है, जिनकी विस्तृत जानकारी ब्रोशर के जरिए मिलती है, जिसका शुल्क लगभग 1,500 रुपये होता है.

आवेदन के लिए इच्छुक खरीदारों को जनहित यूपीडीए पोर्टल (Janhit UPDA Portal) पर ऑनलाइन या नामित बैंकों के माध्यम से ऑफलाइन पंजीकरण कराना होता है. इसके साथ ही प्लॉट की कुल कीमत का 5% से 10% तक अग्रिम पंजीकरण राशि (EMD) के रूप में जमा करना अनिवार्य है. आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, एमडीए द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ ड्रॉ या ई-नीलामी (E-Auction) का आयोजन किया जाता है. यदि आपका नाम आवंटन सूची में आ जाता है, तो बाकी बची हुई धनराशि को तय समय के भीतर किश्तों में या एकमुश्त जमा करके आप प्लॉट के मालिक बन सकते हैं.

इस आसान और सुरक्षित तरीके से पाएं MDA का प्लॉट

​मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से बचने के लिए जनता को आधिकारिक और पारदर्शी प्रक्रिया का ही पालन करना चाहिए. एमडीए से प्लॉट या मकान खरीदने के लिए किसी तीसरे व्यक्ति या बिचौलिए के झांसे में आने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. प्राधिकरण समय-समय पर अटलपुरम या गोविंदपुरम जैसी आवासीय योजनाएं निकालता है, जिसकी पूरी जानकारी दिल्ली रोड स्थित कार्यालय या आधिकारिक वेबसाइट पर मिल जाती है.

​इच्छुक खरीदार 1500 का ब्रोशर लेकर ‘जनहित यूपीडीए पोर्टल’ (Janhit UPDA Portal) पर ऑनलाइन या नामित बैंकों के जरिए ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए प्लॉट की कीमत का 5% से 10% तक अग्रिम पंजीकरण शुल्क (EMD) जमा करना होता है. इसके बाद एमडीए पूरी पारदर्शिता से ड्रॉ या ई-नीलामी आयोजित करता है. आवंटन सूची में नाम आने पर बाकी रकम तय समय में जमा कर सीधे मालिकाना हक पाया जा सकता है.

khabarmonkey@gmail.com

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