अमृतसर : देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने और इबोला वायरस के संभावित खतरे से निपटने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने डायरेक्टर अमृतसर एयरपोर्ट भूपेंद्र सिंह की विशेष भूमिका में एक महत्वपूर्ण मीटिंग का आयोजन किया। इसमें एयरलाइंस, सीमा शुल्क (कस्टम), आप्रवासन (इमीग्रेशन), सीआईएसएफ, और ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इबोला को लेकर अमृतसर अंतर्राष्ट्रीय श्री गुरु रामदास एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट कर दिया गया है।
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शुरुआती लक्षणों पर पैनी नजर रखने के निर्देश
बैठक के दौरान, एयरपोर्ट स्वास्थ्य संगठन (एपीएचओ) की टीम ने सभी धारकों (स्ट्रीक होल्डर) को विशेष रूप से संक्षेप में वर्णन किया। टीम ने निर्देश दिए कि यदि किसी भी यात्री में बुखार, सिरदर्द या इबोला से जुड़े कोई भी शुरुआती लक्षण दिखाई देते हैं, या सामान्य बातचीत के दौरान ऐसे लक्षण नोटिस होते हैं,तो उसकी सूचना तुरंत एयरपोर्ट स्वास्थ्य संगठन (एपीएचओ) को दी जाए। ऐसे यात्रियों की तत्काल पेशेवर चिकित्सा जांच और उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।
एयरलाइंस के लिए ‘सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म’ अनिवार्य
पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी को देखते हुए एयरलाइंस कंपनियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इबोला प्रभावित देशों से आने वाली उड़ानों के सभी यात्रियों के लिए सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म अनिवार्य है । एयरपोर्ट डायरेक्टर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वहीं पर एयरलाइंस को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी यात्री इस प्रक्रिया से छूटे नहीं।
सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वोपरी
बैठक के अंत में सभी एजेंसियों को सख्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए समय पर रिपोर्टिंग और आपसी तालमेल (कोऑर्डिनेशन) सबसे महत्वपूर्ण है, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा से कोई समझौता न हो।





