Ebola Virus Symptoms: इबोला वायरस एक खतरनाक संक्रमण है, जिनसे भारत में भी दस्तक दे दी है. ये वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है. शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य बुखार जैसे लगते हैं, इसलिए कई बार लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन धीरे-धीरे यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और शरीर को काफी नुकसान पहुंचा सकती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि समय रहते इसके लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है.

इबोला वायरस से बचाव के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना, संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाना और बिना सुरक्षा के संपर्क में न आना बहुत जरूरी माना जाता है. चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं कि बुखार के अलावा इबोला वायरस के क्या-क्या लक्षण देखने को मिलते हैं और इससे खुद को कैसे बचाव कर सकते हैं.
इबोला वायरस के क्या हैं लक्षण
गोरखपुर के रीजेंसी हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन कंसलटेंट डॉ. विजय कुमार शर्मा बताते हैं कि, इसके शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे दिखाई देते हैं, इसलिए कई बार लोग इसे शुरुआत में पहचान नहीं पाते. मरीज को तेज बुखार, तेज सिरदर्द, शरीर और मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी, गले में खराश और अत्यधिक थकान महसूस हो सकती है. बीमारी बढ़ने पर उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कुछ मामलों में शरीर के अंदर या बाहर ब्लीडिंग जैसी गंभीर स्थिति भी देखने को मिल सकती है.
इबोला वायरस से कैसे करें बचाव?
एक्सपर्ट बताते हैं कि इबोला वायरस से बचाव के लिए सबसे जरूरी है संक्रमित व्यक्ति या उसके शरीर के तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से बचा जाए. संक्रमित मरीज की देखभाल करते समय मास्क, दस्ताने और सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करना चाहिए. हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोना या सैनिटाइजर का उपयोग करना भी जरूरी है. किसी भी तरह के संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और मरीज को अलग रखना चाहिए, ताकि संक्रमण दूसरे लोगों तक न फैले.
जो लोग ऐसे देशों या क्षेत्रों से लौटकर आए हों जहां इबोला संक्रमण के मामले सामने आए हैं, उन्हें अपनी सेहत पर विशेष नजर रखनी चाहिए. समय पर पहचान और तुरंत इलाज से मरीज की जान बचाने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए लोगों को घबराने की बजाय जागरूक रहने और सावधानी बरतने की जरूरत है.
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