एनसीआर का रिटेल रियल एस्टेट बाजार इस समय अभूतपूर्व उछाल के दौर से गुजर रहा है.एनारॉक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर के प्रीमियम ग्रेड A+ और A+ मॉल्स में वैकेंसी दर घटकर महज 0-2 प्रतिशत रह गई है.ऐसे में अब अगर आप मॉल्स में निवेश करना चाहते हैं तो भूल जाइए क्योंकि आपको स्पेस मिलेगा ही नहीं.

रिपोर्ट के अनुसार, यह तेजी मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय ब्रांड्स के आक्रामक विस्तार, बढ़ती कंज्यूमर स्पेंडिंग और बेहतर शॉपिंग अनुभव की मांग के कारण आई है.बड़े मॉल्स में फुटफॉल लगातार बढ़ रहा है, जिससे प्रीमियम लोकेशन वाले रिटेल स्पेस की मांग और अधिक मजबूत हुई है.
रेन्टल वैल्यू 8 से 12% बढ़ी
अगर रेन्टल की बात करे तो ग्रेड A+ मॉल्स में किराए में सालाना आधार पर 8-12 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि ग्रेड A+ मॉल्स में यह वृद्धि 6-8 प्रतिशत के आसपास रही है.विशेषज्ञों की मानें तो यह स्थिति न केवल मजबूत उपभोक्ता मांग को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि संगठित रिटेल सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है और बड़े ब्रांड्स के लिए एनसीआर एक प्रमुख केंद्र बन चुका है. देश के अन्य महानगरों की तुलना में एनसीआर रिटेल मार्केट सबसे मजबूत स्थिति में है.जहां मुंबई में किराए में 15 से 20 प्रतिशत तक की तेज वृद्धि देखी गई है, वहीं एनसीआर में स्थिर लेकिन मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है.इससे यह स्पष्ट होता है कि एनसीआर न केवल मांग के मामले में बल्कि स्थिरता और दीर्घकालिक निवेश के लिहाज से भी आकर्षक बना हुआ है.
रिटेल स्पेस का विकास
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि एनसीआर में रिटेल स्पेस की कमी के बावजूद डेवलपर्स का भरोसा बना हुआ है और 2031 तक क्षेत्र में करीब 19 मिलियन वर्ग फुट नए रिटेल स्पेस के जुड़ने की संभावना है.यह आने वाली सप्लाई न केवल मौजूदा मांग को संतुलित करेगी, बल्कि नए ब्रांड्स को भी बाजार में प्रवेश का अवसर देगी.साथ ही, यह संकेत भी मिलता है कि एनसीआर में संगठित रिटेल का विस्तार अभी लंबी अवधि तक जारी रहने वाला है.
टियर -2 शहरों में भी मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों के अनुसार, रिटेल सेक्टर में यह उछाल केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में उपनगरीय क्षेत्रों में भी इसका विस्तार देखने को मिलेगा.बदलते शहरी पैटर्न और नए रिहायशी इलाकों के विकास के साथ रिटेल स्पेस की मांग भी नए क्षेत्रों में बढ़ेगी.इससे डेवलपर्स को नए अवसर मिलेंगे और बाजार का विस्तार और व्यापक होगा. दिनेश जैन एमडी, एक्सॉटिका हाउसिंग के अनुसार नोएडा एक्सप्रेसवे और आसपास के क्षेत्रों में हाल फिलहाल कमर्शियल और रिेटेल स्पेस की मांग तेजी से बढ़ी है.बड़े ब्रांड्स तेजी से अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं.ऐसे में अब लोग रिटेल और मिक्सड लैंडयूज वाले प्लाट्स पर भी निवेश कर रहे हैं क्योंकि हाई एंड आफिस स्पेस और रिटेल के साथ यहां लोगों को किड्स, हेल्थ और एंटरटेनमेंट जोन भी मिलता है और ये भी वन स्टॉप डेस्टिनेशन बनकर उभर रहे हैं.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
केडब्ल्यू ग्रुप के डायरेक्टर पंकज कुमार जैन का कहना है कि लगातार बढ़ते किराए इस बात को दर्शाते हैं कि उपभोक्ता खर्च और फुटफॉल दोनों में मजबूती बनी हुई है.गाजियाबाद के मॉल्स में बेहतर लोकेशन, आधुनिक सुविधाएं और अनुभव आधारित शॉपिंग के कारण ब्रांड्स अधिक किराया देने को तैयार हैं, जिससे बाजार में गुणवत्ता वाले रिटेल स्पेस की मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है. रेनॉक्स ग्रुप के चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि एनसीआर में रिटेल और मॉल कल्चर जिस तेजी से विकसित हो रहा है, वह आने वाले वर्षों में कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर जाएगा.गाजियाबाद और नोएडा के मुख्य लोकैशन पर प्रीमियम रिटेल स्पेस की मांग लगातार बढ़ने के कारण पुराने प्रोजेक्ट भी नए जमाने की मांग के अनुरूप से विकसित किए जा रहे है.इतना ही नहीं, उपभोक्ता केवल शॉपिंग नहीं बल्कि एक्सपीरियंस बेस्ड डेस्टिनेशन की तलाश कर रहे हैं, इस कारण डेवलपर्स भी आधुनिक सुविधाओं और मिक्स्ड यूज प्रोजेक्ट्स पर फोकस बढ़ा रहे हैं.
कमर्शियल स्पेस की डिमांड बढ़ी
विजन बिजनेस पार्क के फाउंडर अतुल विक्रम सिंह ने बताया कि नोएडा एयरपोर्ट की शुरुआत के चलते ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्प्रेसवे पर कमर्शियल स्पेस की डिमांड बढ़ी है.वर्षों से प्रस्तावित नए प्रोजेक्ट्स से बाजार को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन मौजूदा रुझानों को देखते हुए मांग का स्तर ऊंचा बना रहेगा.डेवलपर्स अब अधिक संगठित और आधुनिक रिटेल स्पेस पर ध्यान दे रहे हैं, जिससे एनसीआर में रिटेल इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत होगा और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे. राकेश सिंघल फाउंडर श्रीकेबी ग्रुप ने कहा “नोएड-ग्रेटर नोएडा समेत एनसीआर में मॉल्स व रिटेल सेक्टर में यह तेजी केवल आर्थिक वृद्धि का संकेत नहीं है, बल्कि यह बदलती उपभोक्ता जीवनशैली और शॉपिंग के नए ट्रेंड्स को भी दर्शाती है.लोग अब केवल खरीदारी ही नहीं, बल्कि मनोरंजन और अनुभव के लिए भी मॉल्स का रुख कर रहे हैं, जिससे संगठित रिटेल का दायरा लगातार बढ़ रहा है और बाजार में दीर्घकालिक स्थिरता बनी हुई है.
मजबूत दौर में रियल एस्टेट सेक्टर
Khabar Monkey
हिमांशु गर्ग, डायरेक्टर, आरजी ग्रुप ने कहा एनसीआर का रिटेल रियल एस्टेट बाजार इस समय अपने सबसे मजबूत दौर में है. प्रीमियम मॉल्स में लगभग शून्य वैकेंसी यह दिखाती है कि मांग लगातार आपूर्ति से आगे बनी हुई है.खासतौर पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे उभरते क्षेत्रों में कमर्शियल और रिटेल स्पेस की डिमांड तेजी से बढ़ी है, जिसका मुख्य कारण बेहतर कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और बढ़ती आबादी है.आने वाले समय में नई सप्लाई जरूर जुड़ेगी, लेकिन मौजूदा ट्रेंड्स को देखते हुए एनसीआर लंबे समय तक रिटेल निवेश के लिए एक आकर्षक बाजार बना रहेगा.





