देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक TCS (Tata Consultancy Services) एक बार फिर कर्मचारियों की सैलरी और बोनस को लेकर चर्चा में है. अप्रैल महीने की सैलरी मिलने के बाद कई कर्मचारियों ने शिकायत की कि उन्हें उम्मीद से काफी कम Variable Pay मिला. रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ कर्मचारियों को उनके पात्र Variable Pay का केवल 50 प्रतिशत ही दिया गया. इसकी मुख्य वजह कंपनी की Work From Office (WFO) नीति और ऑफिस अटेंडेंस से जुड़े नियम बताए जा रहे हैं.

ऑफिस अटेंडेंस से जुड़ा है Variable Pay
रिपोर्ट के मुताबिक, TCS ने जनवरी-मार्च तिमाही के लिए Quarterly Variable Allowance (QVA) जारी किया. इस दौरान कई कर्मचारियों को 60 से 80 प्रतिशत तक Variable Pay मिला, जो पिछले दो वर्षों की तुलना में बेहतर माना जा रहा है. इससे पहले कई कर्मचारियों को केवल 20 से 50 प्रतिशत तक ही Variable Pay मिलता था. हालांकि इस बार भी सभी कर्मचारियों को समान लाभ नहीं मिला.
बताया जा रहा है कि जिन कर्मचारियों की ऑफिस अटेंडेंस कंपनी द्वारा तय सीमा से कम रही, उन्हें Variable Pay में कटौती का सामना करना पड़ा. कुछ कर्मचारियों का कहना है कि उनकी अटेंडेंस करीब 60 प्रतिशत रही, जिसके कारण उनके बोनस का बड़ा हिस्सा कट गया.
कितनी अटेंडेंस पर कितना मिलेगा बोनस?
TCS ने पिछले एक साल में अपनी Work From Office नीति को और सख्त बनाया है. वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही से कंपनी ने Quarterly Variable Pay को सीधे ऑफिस अटेंडेंस से जोड़ दिया है.
रिपोर्ट के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी की ऑफिस अटेंडेंस 85 प्रतिशत या उससे अधिक है तो वह पूरे Variable Pay का हकदार होता है. वहीं 75 से 85 प्रतिशत अटेंडेंस वाले कर्मचारियों को Variable Pay का लगभग 75 प्रतिशत मिलता है. जिनकी अटेंडेंस 60 से 75 प्रतिशत के बीच होती है, उन्हें केवल 50 प्रतिशत भुगतान किया जाता है. अगर अटेंडेंस 60 प्रतिशत से कम हो जाए तो कर्मचारी को Quarterly Bonus मिलने की पात्रता भी नहीं रहती.
कर्मचारियों में बढ़ी नाराजगी
आईटी सेक्टर पहले से ही धीमी क्लाइंट डिमांड और प्रोजेक्ट्स में देरी जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है. ऐसे माहौल में अटेंडेंस आधारित बोनस मॉडल कर्मचारियों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गया है. कई कर्मचारियों का मानना है कि Work From Office नियमों के कारण उनके बोनस पर सीधा असर पड़ रहा है.
कुछ कर्मचारियों ने यह भी दावा किया कि उन्होंने ऑफिस अटेंडेंस नियमों का पालन किया, फिर भी उन्हें अपेक्षा से कम Variable Pay मिला. उनका कहना है कि भुगतान केवल अटेंडेंस पर ही नहीं बल्कि बिजनेस यूनिट और प्रोजेक्ट के प्रदर्शन पर भी निर्भर करता है.
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बिजनेस परफॉर्मेंस का भी पड़ता है असर
रिपोर्ट में एक कर्मचारी के हवाले से कहा गया है कि पिछले दो वर्षों में कम Variable Pay मिलने के कारण उसे कुल मिलाकर 4 से 5 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ. TCS पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि Quarterly Variable Pay का निर्धारण कर्मचारी की बिजनेस यूनिट की परफॉर्मेंस के आधार पर किया जाता है. यही वजह है कि अलग-अलग टीमों और प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले कर्मचारियों को अलग-अलग भुगतान मिलता है.
Appraisal के बाद भी बढ़ा भ्रम
Variable Pay को लेकर चर्चा ऐसे समय हो रही है जब TCS ने हाल ही में वित्त वर्ष 2026 के लिए वार्षिक वेतन वृद्धि लागू की है. रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी ने औसतन करीब 5 प्रतिशत Salary Hike दिया है. हालांकि कई कर्मचारियों का दावा है कि Appraisal Letter मिलने के बावजूद उनकी मासिक आय कम दिखाई दे रही है. कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनकी मासिक सैलरी करीब 3,000 रुपये तक कम हो गई है. वहीं कुछ का कहना है कि कागजों पर उनका कुल वार्षिक पैकेज 1,000 से 10,000 रुपये तक कम दिख रहा है. इससे कर्मचारियों के बीच भ्रम और चिंता बढ़ गई है.
नई CTC संरचना बनी चिंता का कारण
बताया जा रहा है कि यह भ्रम मुख्य रूप से नई Labour Codes के अनुसार किए गए CTC बदलावों के कारण पैदा हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल TCS ने प्रदर्शित CTC स्ट्रक्चर से Gratuity को हटा दिया है, हालांकि कर्मचारियों को मिलने वाला Gratuity लाभ पहले की तरह जारी रहेगा.
कई कर्मचारियों को चिंता है कि कम दिखाई देने वाला CTC भविष्य में नौकरी बदलते समय वेतन वार्ता पर असर डाल सकता है. हालांकि TCS का कहना है कि नया वेतन ढांचा श्रम कानूनों के अनुरूप बनाया गया है और इसका उद्देश्य Take-Home Salary की सुरक्षा के साथ टैक्स लाभ और वेतन संरचना में समानता सुनिश्चित करना है.
बेहतर प्रदर्शन करने वालों को मिला ज्यादा फायदा
रिपोर्ट के अनुसार, हालिया Appraisal Cycle में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को अधिक वेतन वृद्धि मिली है. A+ Performance Rating पाने वाले कर्मचारियों को 9 से 13 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी मिली, जबकि A श्रेणी के कर्मचारियों को 5 से 9 प्रतिशत तक Salary Hike दिया गया. दूसरी ओर, निचली Performance Categories में आने वाले कर्मचारियों को अपेक्षाकृत कम वृद्धि मिली, जिससे कुछ कर्मचारियों में असंतोष बना हुआ है.





