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आखिर प्लेन की खिड़की पर क्यों चिपका होता है ये तिकोना स्टीकर? 

आखिर प्लेन की खिड़की पर क्यों चिपका होता है ये तिकोना स्टीकर? 

फ्लाइट से यात्रा करते समय जब आप खिड़की वाली सीट पर बैठते हैं तो अक्सर ऊपर की तरफ एक छोटा सा तिकोना स्टीकर (ट्रायंगल स्टिकर) दिखाई देता है. ये लाल या काले रंग का होता है. ज्यादातर यात्री इसे सिर्फ सजावट या डिजाइन समझकर अनदेखा कर देते हैं. लेकिन हकीकत में ये स्टीकर प्लेन की सुरक्षा से जुड़ा बहुत जरूरी फीचर है.

ये स्टीकर क्यों लगाया जाता है?
ये तिकोना स्टीकर उन खास खिड़कियों को मार्क करता है जिनसे प्लेन के पंख (विंग्स) सबसे स्पष्ट और पूरा नजर आते हैं. हर कमर्शियल एयरक्राफ्ट में आमतौर पर चार ऐसे स्टीकर लगे होते हैं— दो-दो दोनों तरफ. इन खिड़कियों से पंख के आगे वाले हिस्से (स्लेट्स) और पीछे वाले हिस्से (फ्लैप्स) साफ दिखते हैं.

मुख्य वजहें:
इमरजेंसी चेकिंग: अगर पाइलट या क्रू को शक हो कि पंख में कोई समस्या है, जैसे फ्लैप्स ठीक से काम नहीं कर रहे या कोई टेक्निकल इश्यू है, तो वे तुरंत इन मार्क वाली खिड़कियों से बाहर देखकर स्थिति का आकलन कर सकते हैं. बिना समय गंवाए सही खिड़की मिल जाना बहुत जरूरी होता है.
बर्फ जमा होने की जांच: ऊंचाई पर उड़ान के दौरान पंखों पर बर्फ जमा हो सकती है. क्रू इन खिड़कियों से आसानी से चेक करते हैं कि डी-आइसिंग सिस्टम काम कर रहा है या नहीं.
रूटीन इंस्पेक्शन: उड़ान के दौरान क्रू नियमित रूप से पंखों, इंजन और अन्य पार्ट्स की स्थिति देखते हैं. ये स्टीकर उन्हें हर बार हर खिड़की में झांकने से बचाता है.
पैसेंजर को बेस्ट व्यू: जो यात्री विंग व्यू पसंद करते हैं, उन्हें ये सीट्स बेस्ट व्यू देती है.

सुरक्षा का महत्व
एविएशन इंडस्ट्री में समय बहुत कीमती होता है. इमरजेंसी में कुछ सेकंड की देरी भी जानलेवा साबित हो सकती है. यही वजह है कि ये छोटे-छोटे स्टीकर लगाए जाते हैं. ये FAA और अन्य एविएशन अथॉरिटीज द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का हिस्सा हैं. ये स्टीकर हर प्लेन मॉडल पर लगभग एक ही पोजीशन पर होते हैं. कुछ एयरलाइंस में रंग अलग हो सकता है लेकिन आकार तिकोना ही रहता है. ये स्टीकर खिड़की के अंदरूनी फ्रेम पर चिपका होता है ताकि क्रू को आसानी से दिख सके.

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