
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बेहद विचित्र और दर्दनाक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में दिख रही महिला के हाथ से सैकड़ों प्लास्टिक की थैलियां निकाली जा रही है. हैरानी की बात यह है कि इन थैलियों को महिला ने लगातार तीन साल तक अपने हाथ में बांधे रखा था. डॉक्टर और स्थानीय लोगों के अनुसार, महिला ने यह सब अपने पति को नियंत्रित करने के लिए किया था. लेकिन इस अजीबोगरीब हरकत ने उसके हाथ को इतना खराब कर दिया कि देखने वाला भी सहम जाए.
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि महिला के हाथ पर प्लास्टिक की परत चढ़ गई थी. जब इन्हें खोला गया तो अंदर से सड़ांध और संक्रमण की दुर्गंध आने लगी. हथेली की त्वचा पूरी तरह से सड़ चुकी थी, उंगलियां सूजी हुईं और कई जगह से पस निकल रहा था. चिकित्सकों का कहना है कि लंबे समय तक प्लास्टिक बंधे रहने से एयर सर्कुलेशन बंद हो गया, जिससे बैक्टीरियल इंफेक्शन फैल गया.
सड़क पर मिली महिला
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह महिला पिछले कई सालों से बेघर जीवन जी रही है. पड़ोसियों का कहना है कि वह अक्सर अकेली में बड़बड़ाती रहती थी और किसी खास रस्म या टोटके के बारे में बात करती थी. उसका मानना था कि अगर वह प्लास्टिक की थैलियां हाथ में बांधे रखेगी तो उसके पति उसकी बात नहीं टाल पाएंगे और हमेशा उसके वश में रहेंगे. यह सोच मानसिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्या को दर्शाती है. एक सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया, “जब हमने महिला को अस्पताल पहुंचाया तो डॉक्टर भी हैरान रह गए. तीन साल तक एक ही जगह प्लास्टिक बंधा रहने से हाथ की नसें भी प्रभावित हो चुकी हैं. इलाज में लंबा समय लगेगा.” महिला को फिलहाल मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है जहां उसकी काउंसलिंग चल रही है.
बिगड़ रही महिलाओं की हालत
यह घटना रिश्तों में जिद और अंधविश्वास के खतरों को उजागर करती है. विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी मानसिक परेशानियां अक्सर घरेलू कलह, आर्थिक तंगी या भावनात्मक उपेक्षा से पैदा होती है. महिला के परिवार से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है. सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को शेयर करते हुए महिला के स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं. कई लोगों ने लिखा, “रिश्ते के नाम पर खुद को इतना नुकसान पहुंचाना कितना दर्दनाक है.” कुछ यूजर्स ने सरकार और एनजीओ से ऐसी बेघर महिलाओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है. चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक जैसी कोई भी चीज लंबे समय तक शरीर से बंधी रहने पर गंभीर संक्रमण, त्वचा रोग और यहां तक कि स्थायी विकलांगता भी हो सकती है. महिला के हाथ में अब मलहम-पट्टी की जा रही है और एंटीबायोटिक्स दिए जा रहे हैं. यह मामला मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की जरूरत पर भी रोशनी डालता है. भारत में लाखों लोग ऐसी समस्याओं से जूझ रहे हैं लेकिन इलाज और सहायता की कमी के कारण उनकी स्थिति बदतर होती जाती है.





