EntertainmentViral

‘तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं…’ अधूरी मोहब्बत का सबसे दर्दभरा गीत जो आज भी यादगार

ज़िंदगी वैसी कहां होती है जैसी हम अपने लिए सोचते हैं… या तो वो हमारी उम्मीदों से कहीं ज्यादा खूबसूरत निकलती है या फिर हमें बिल्कुल अलग रास्तों पर ले जाकर बहुत कुछ सिखा जाती है। पर जिंदगी चलती रहती है वो कभी नहीं रुकती।

‘तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं…’ अधूरी मोहब्बत का सबसे दर्दभरा गीत जो आज भी यादगार
‘तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं…’ अधूरी मोहब्बत का सबसे दर्दभरा गीत जो आज भी यादगार

फिल्मी जगत में ऐसी कई कहानियां है जो इस बात को अपने अपने तरीके से दिखाती है। उनमें से एक 1975 में आई फिल्म ‘आंधी’ है। ‘तेरे बिना जिंदगी से कोई शिकवा तो नहीं’, आंधी फिल्म का गीत है जो एक की कहानी को बहुत ही खूबसूरत तरीके से हर दौर के लोगों को समझाता है।

इस गाने तो आइकॉनिक होना ही था, यह फिल्म ही कुछ ऐसी है। इस गाने में अधूरा प्यार, टूटे रिश्ते के बाद भी मौजूद वह इज्जत और अपने लिए चुना गया आत्मसम्मान नजर आता है। पहले फिल्म की कहानी पर थोड़ा नजर डालते है। फिल्म के मुख्य किरदार में सुचित्रा सेन (आरती) और (जे के) है, फिल्म का निर्देशन गुलजार साहब ने किया है। इस गाने के बोल भी खुद गुलजार ने लिखे और संगीत दिया आर डी बर्मन ने साथ ही इस गीत को आवाज दी लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने।

फिल्म की कहानी

कहानी में आरती एक महत्वकांशी लड़की के है और जे के एक होटल मैनेजर होते है। दोनों में प्यार होता है शादी होती है लेकिन वैचारिक मतभेदों और आरती की राजनीतिक महत्वकांशाओं के कारण दोनों अलग हो जाते है क्योंकि आरती को अपने पिता के जैसे राजनीति में नाम कमाना होता है। इस किरदार को उस दौर की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जोड़ा गया था। जिसके लिए फिल्म पर बैन भी लगा था।

सालों बाद फिर तकदीर इन्हें मिलवाती है लेकिन अब आरती एक बड़ी राजनेता बन जाती है और अपने काम में व्यस्त जे के अकेले जीवन गुजारते है। बाद में जब उन्हें अपनी गलती का एहसास होता है लेकिन समय एक नया मोड़ ले चुका होता है।

“अधूरे रिश्ते” का एंथम

अब बात इस सदाबहार गाने की। इस गाने की लाइन – ‘तेरे बिना जिंदगी भी लेकिन, जिंदगी तो नहीं’, लोगों के दिल में इसलिए बस गई क्योंकि इसमें ब्रेकअप नहीं पर अधूरे प्यार का दर्द है। बिना साथ रहे भी प्यार रह सकता है, प्यार को निभाया जा सकता है, गुलजार ने इन बोल से लोगों को यह समझाने की कोशिश की।

जैसा कि इस फिल्म में भी होता है। रिश्ता टूट गया, समय बहुत आगे चला गया, आरती और जे के की जिंदगी आगे बढ़ गई। जिंदगी से कोई शिकवा नहीं लेकिन फिर ऐसी जिंदगी भी कैसी जिंदगी हुई। आज भी लोग इसे दिल को कचोट देने वाले एक शानदार गीत की तरह याद करते है। इसके बोल आपके दिल को छू जाते है। कई लोगों का मानना है कि यह गीत सुनकर उनकी आंखे नम हो जाती है।

Khabar Monkey

गाने के पीछे था RD Burman का जादू

इस गीत को अगर आप ध्यान से सुने तो आप देखेंगे कि इसमें म्यूजिक ज्यादा तेज नहीं है, काफी सादगी भरा रखा गया है। दरअसल, आर डी बर्मन ने इस गाने में भारी संगीत की जगह, एक हल्का सॉफ्ट म्यूजिक रखा जिससे इसके बोल पर सीधा ध्यान जा सके और भाव ज्यादा उभर कर सामने आए। यही बातें इन गीतों को सदाबहार बनाती है जिन्हें दशकों तक याद रखा जाता है।

दर्द भरा गीत होकर भी शिकायत नहीं करता

ज्यादातर दर्द भरे गीतों में आपने देखा होगा कि किसी एक इंसान को दोषी ठहराया जाता है लेकिन इस गीत में ऐसा नहीं है। लेकिन इस गीत में प्यार खोने के बाद भी सम्मान और अपनापन बना रहता है। इसी वजह से इसे बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन प्रेम गीत में गिना जाता है।

आज भी सोशल मीडिया पर इस गीत को कई ब्रेकअप रील्स, वीडियोज में इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि यह एक गोल्डन दौर का ऐसा गीत है जो सदाबहार है। जो हर जेनेरेशन से संबंधित हो सकता है।

Leave a Reply