Viral

Snake: क्या केंचुली उतरने के बाद सांप और खतरनाक-खूंखार हो जाता है? साल में 8 बार ऐसा होता है

भारत में सांपों को लेकर मान्यताएं और भ्रम दोनों हैं. आमतौर पर माना जाता है कि सांप जब अपनी केंचुली छोड़ देता है तो वह बहुत ताकतवर और खूंखार हो जाता है, लेकिन सवाल है कि इस बात में कितनी सच्चाई है. विज्ञान के नजरिए से देखेंगे तो पाएंगे कि एक समय के बाद सांप के लिए पुरानी खाल को छोड़ना अनिवार्य हो जाता है. एक सांप सालभर में 6 से 8 बार केंचुली उतारता है. ऐसा गर्मियों में ज्यादा होता है. यही वजह कि गर्मियों में खेतों और जंगलों में इसकी खाल यानी केंचुली पड़ी हुई मिलती है. अब सवाल है कि क्या सांप केंचुली छोड़ने के बाद और खूंखार हो जाता है? अब समझते हैं इसका जवाब.

Snake: क्या केंचुली उतरने के बाद सांप और खतरनाक-खूंखार हो जाता है? साल में 8 बार ऐसा होता है
Snake: क्या केंचुली उतरने के बाद सांप और खतरनाक-खूंखार हो जाता है? साल में 8 बार ऐसा होता है

पहले यह समझ लेते हैं कि केंचुली क्या होती है? केंचुली सही मायने में सांप की पुरानी और डेडस्किन होती है. विज्ञान की भाषा में इसके हटने की प्रक्रिया को Ecdysis कहते हैं. सांप भले ही रेप्टाइल है लेकिन इसकी स्किन इतनी लचीली नहीं होती कि शरीर के बढ़ने के साथ बढ़ जाए. सांप को रेंगने के दौरान कई बार जख्म होते हैं. उस पर परजीवी चिपक जाते हैं. इसलिए केंचुली का हटना जरूरी होता है. सांप का शरीर बढ़ता है तो पुरानी खाल में रेंगने में दिक्कत होने लगती है. यही वजह है कि वो पुरानी खाल यानी केंचुली को हटाता है.

केंचुली उतारने के 4 बड़े कारण

  1. शरीर में बढ़ोतरी: सांप का शरीर जीवनभर बढ़ता है, लेकिन उसकी स्किन नहीं बढ़ती. नतीजा नई और बड़ी स्किन पाने के लिए उसे ऐसा करना पड़ता है.
  2. परजीवियों से मुक्ति: जंगलों और खेतों में रेंगने के दौरान इस पर कई तरह के परजीवी चिपक जाते हैं. सांप न तो इसे धो सकता है और न ही रगड़ सकता है. यही वजह है कि वो केंचुली को उतारता है और परजीवियों से भी मुक्ति मिल जाती है.

    एक सांप औसतन सालभर में 6 से 8 बार केंचुली उतारता है.

  3. घाव और पुरानी स्किन की मरम्मत: केंचुली उतारने के बाद सांप को अपनी डेड स्किन और घावों से मुक्ति मिल जाती है. नई स्किन से रेंगना पहले से कुई गुना ज्यादा आसान हो जाता है.
  4. मादा को आकर्षित करना आसान: केंचुली उतारने के बाद सांप अधिक चमकीला और सक्रिय हो जाता है. उसे शिकारियों से बचकर भागने और अपने साथी को आकर्षित करने में मदद मिलती है.

केंचुली उतारने के बाद सांप को अपनी डेड स्किन और घावों से मुक्ति मिल जाती है.

क्या केंचुली उतारने के बाद सांप और खूंखार होता है?

इस बात में आधा सच्चाई है. दरअसल, सांप केंचुली उतारने से पहले ज्यादा गुस्सैल होता है, बाद में नहीं. ऐसा इसलिए क्योंकि केंचुली उतारने की प्रक्रिया जब शुरू होती है तो सांप की आंखें धुंधली हो जाती है और उसे ठीक से नहीं दिखाई देता है. इसलिए सांप स्वभाविक रूप से थोड़ा अलर्ट हो जाता है. जरा सी हलचल होने पर हमला कर सकता है.

स्वाभाविक रूप से असुरक्षित महसूस होने पर वो ऐसा करता है. लेकिन जैसी ही केंचुली पूरी तरह उतर जाती है और आंख की पर्त साफ हो जाती है तो सांप फिर से सामान्य हो जाता है.

सांप केंचुली उतारने से पहले ज्यादा गुस्सैल होता है, बाद में नहीं.

Khabar Monkey

दिलचस्प बात है कि सांप की आंखों पर पलकें नहीं होतीं. इस पर एक पारदर्शी पर्त होती है जो उनकी आंख को ढकने का काम करती है. यह भी केंचुली के साथ उतर जाती है. यानी इसके उतरने के बाद साफ को स्पष्ट दिख पाता है.

केंचुली बताती है सांप बीमार तो नहीं

केंचुली सांप के बारे में कई दिलचस्प बातें बताती है. अगर केंचुली एक बार में पूरी तरह नहीं निकलती तो इसका मतलब है कि सांप या तो बीमार है या फिर उसे सही नमी नहीं मिल रही. यही नहीं, सांप के शरीर पर बनीं शल्कों यानी स्केल्स के आधार पर उसकी प्रजाति को पहचाना जाता है.

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply