बॉलीवुड बनाम साउथ सिनेमा की बहस हमेशा ही चलती रही है। अब हिंदी फिल्मों में काम कर चुकीं अभिनेत्री ज्योतिका ने साउथ इंडस्ट्री और बॉलीवुड में अपने काम करने के अनुभव को साझा किया है। उन्होंने बताया जब बॉलीवुड ने उन्हें काम देना बंद कर दिया, तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने उन्हें लगातार मौके दिए।

बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में समझाया फर्क
ज्योतिका ने टाइम्स एंटरटेनमेंट से बातचीत में कहा, “जब मेरी पहली हिंदी फिल्म नहीं चली तो बॉलीवुड ने मेरे लिए दरवाजे बंद कर दिए। लेकिन जब मेरी पहली तमिल फिल्म नहीं चली, तब भी लोगों ने मेरे काम को देखा और मुझे लगातार ऑफर्स मिले। यही सबसे बड़ा फर्क है।”
हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि अब बॉलीवुड में बदलाव आया है, खासकर 40 की उम्र पार कर चुकी अभिनेत्रियों के लिए जो किरदार लिखे जा रहे हैं, उनमें। उन्होंने कहा कि अब हिंदी फिल्मों में महिलाओं के लिए बेहतर और दमदार स्क्रिप्ट्स लिखी जा रही हैं, जबकि साउथ सिनेमा को अभी इस दिशा में और काम करने की जरूरत है।
वर्क कल्चर पर बात करते हुए ज्योतिका ने कहा कि साउथ फिल्म इंडस्ट्री में तय समय पर शूटिंग खत्म करने का नियम काफी आम है। उन्होंने बताया, “साउथ में ज्यादातर फिल्मों की शूटिंग शाम 6 बजे तक खत्म हो जाती है। वहां सुबह जल्दी काम शुरू होता है और शिफ्ट 7 से 6 या 9 से 6 तक चलती है।”
सोनाक्षी सिन्हा ने भी रखी अपनी राय
इस बातचीत में अभिनेत्री ने भी सवाल उठाया कि आखिर अभिनेत्रियों के आठ घंटे की शिफ्ट मांगने पर इतना विवाद क्यों होता है। उन्होंने कहा, “कई मेल एक्टर्स आठ घंटे से एक मिनट ज्यादा काम नहीं करते। उनका शॉट पूरा हुआ या नहीं, वे अपनी कार में बैठकर चले जाते हैं, लेकिन कोई सवाल नहीं उठाता।”
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वर्किंग मॉम के लिए सीमित समय की शिफ्ट जरूरी
ज्योतिका ने खासतौर पर कामकाजी मांओं की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि मां बनने के बाद महिलाओं के लिए सीमित शिफ्ट की मांग बिल्कुल जायज है। सोनाक्षी ने भी सहमति जताते हुए कहा कि बच्चे के जन्म के बाद अभिनेत्री को अपने परिवार और बच्चे के लिए समय मिलना चाहिए।
यह चर्चा उस समय फिर से सुर्खियों में आई जब का नाम दो बड़ी फिल्मों ‘स्पिरिट’ और ‘कल्कि 2898 एडी 2’ से जुड़ी खबरों में सामने आया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीपिका की आठ घंटे की शिफ्ट की मांग को लेकर विवाद हुआ था। हालांकि, इंडस्ट्री के कई लोगों और फैंस ने उनके फैसले का समर्थन किया, क्योंकि वह अपनी बेटी के साथ ज्यादा समय बिताना चाहती थीं।





