HealthViral

40 के बाद महिलाओं के लिए हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज कितनी सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें

आजकल पुरुषों से लेकर महिलाएं तक फिटनेस को लेकर काफी एक्टिव हो गई हैं. ऐसे में वो एक्सरसाइज के साथ ही अपनी डाइट पर भी फोकस कर रही हैं. वहीं, आजकल इंटेंसिटी एक्सरसाइज या HIIT (High Intensity Interval Training) एक्सरसाइज का ट्रेंड काफी ज्यादा बढ़ गया है, जिसमें कम समय में ज्यादा कैलोरी बर्न करने और शरीर को मजबूत बनाने में मदद करती है. लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या 40 के बाद महिलाओं के लिए इस तरह की हाई इंटेंसिटी वर्कआउट पूरी तरह सेफ है?

Khabar Monkey

40 के बाद महिलाओं के लिए हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज कितनी सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें
40 के बाद महिलाओं के लिए हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज कितनी सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें

हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज करने से हार्ट हेल्थ बेहतर होती है, मसल्स मजबूत बनती हैं और वजन कंट्रोल में रहता है. हालांकि बढ़ती उम्र में शरीर की रिकवरी क्षमता पहले जैसी नहीं रहती, इसलिए बिना तैयारी या जरूरत से ज्यादा कठिन वर्कआउट करना भारी भी पड़ सकता है. चलिए इस आर्टिकल में फिटनेस ट्रेनर से जानते हैं कि 40 की उम्र के बाद हाई इंटेंसिटी वर्कआउट करना कितना सेफ ?

क्या कहते हैं फिटनेस एक्सपर्ट?

आमतौर पर 40 प्लस महिलाओं को हाई इंटेंसिटी वर्कआउट करने की सलाह नहीं दी जाती है. माना जाता है कि, इस उम्र में हाई इंटेंसिटी वर्कआउट करने से कॉर्टिसोल लेवल स्पाइक हो सकता है. बॉडी में स्ट्रेस बढ़ सकता है और हार्मोन इंबैलेंस जैसी दिक्कत आ सकती हैं. लेकिन क्या ये सभी महिलाओं पर लागू होता है? तो ऐसा नहीं है. फिटनेस एक्सपर्ट राज गणपत का कहना है कि, ऐसा बिल्कुल नहीं है. 40 महिलाओं को हाई इंटेंसिटी वर्कआउट करना चाहिए या नहीं ये पूरी तरह से उनकी हेल्थ, लाइफस्टाइल और स्ट्रेस लेवल पर डिपेंड करता है.

40 प्लस महिलाओं का हाई इंटेंसिटी वर्कआउट कितना सही?

फिटनेस ट्रेनर राज गणपत के मुताबिक, जिन महिलाओं की लाइफस्टाइल पहले से ही काफी बिजी या फिजिकल रूप से थकाने वाली होती है उनके लिए हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग सही ऑप्शन नहीं होता है. क्योंकि अगर आपकी नींद पूरी नहीं हो रही है, शरीर में अक्सर दर्द और थकान रहती हैं और पेरिमेनोपॉज के लक्षणों से गुजर रही हैं या मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याएं हैं, तो ज्यादा मुश्किल वर्कआउट शरीर पर एक्सट्रा दबाव डाल सकता है. ऐसी स्थिति में तेज और कठिन एक्सरसाइज की बजाय वॉकिंग, लो-इंटेंसिटी कार्डियो और हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी आसान और शरीर के लिए आरामदायक एक्टिविटीज को प्रायोरिटी देना ही बेहतर होता है.

View this post on Instagram

A post shared by Raj Ganpath (@raj.ganpath)

किन लोगों के लिए फायदेमंद है हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग

फिटनेस कोच के अनुसार, अगर आपकी लाइफस्टाइल बैलेंस और अच्छी तरह मैनेज है, तो हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं. उनका कहना है कि अगर आप पूरी और अच्छी नींद ले रही हैं, तनाव को सही तरीके से संभाल पा रही हैं, नियमित रूप से एक्सरसाइज करती हैं और लगातार शरीर दर्द या थकान जैसी समस्याओं से परेशान नहीं हैं, तो हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है. इससे शरीर ज्यादा फिट, मजबूत और हेल्दी बनने में मदद मिल सकती है, साथ ही वजन कंट्रोल रखने और स्टैमिना बढ़ाने में भी फायदा होता है.

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply