
कहते हैं कि प्यार अगर जिद बन जाए, तो वह सिर्फ बर्बादी लाता है. ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से सामने आया है, जहां एक सिरफिरे आशिक का पुराना प्यार जब सनक में बदला, तो उसने एक हंसते-खेलते परिवार को जिंदगी भर का कभी न मिटने वाला दर्द दे दिया. ‘अगर तुम मेरी नहीं हो सकती, तो किसी और की भी नहीं रहने दूंगा’… इसी खौफनाक सोच के साथ एक प्रेमी ने अपनी पूर्व प्रेमिका, उसके पति और दो मासूम बच्चों पर तेजाब फेंककर उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश की. इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है. पुलिस ने जब आरोपी को घेरने की कोशिश की, तो उसने खाकी पर ही गोलियां बरसा दीं. इसके बाद पुलिस ने जो जवाबी कार्रवाई की, उसने आरोपी की सारी हेकड़ी निकाल दी.
अधूरा प्यार, शादी और फिर अवैध संबंधों का खौफनाक ताना-बाना
यह पूरी खौफनाक दास्तान बरेली के थाना शेरगढ़ इलाके के डूंगरपुर गांव की है. इस कहानी के मुख्य किरदार हैं- उमेश कश्यप और लक्ष्मी. दोनों के बीच बरसों पुराना प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों अविवाहित रहते हुए कभी एक-दूजे के न हो सके. लक्ष्मी के परिवार वालों ने समाज की रीतियों के मुताबिक उसकी शादी कहीं और कर दी. लक्ष्मी अपनी ससुराल चली गई, उसका नया घर बस गया और वह बच्चों की मां भी बन गई. लेकिन, इस कहानी में ट्विस्ट तब आया जब शादी के बाद भी उमेश और लक्ष्मी का एक-दूसरे से मिलना-जुलना बंद नहीं हुआ. पुराना प्यार एक बार फिर अवैध संबंधों की शक्ल में जिंदा हो गया. दोनों छिप-छिपकर मिलते रहे, लेकिन लक्ष्मी को इस बात का अंदाजा बिल्कुल नहीं था कि यह मुलाकातें एक दिन उसके पूरे परिवार के लिए काल बन जाएंगी.
जब सनक में बदली प्रेमी की जिद, इनकार सुनते ही खोला ‘तेजाब का खेल’
बीते कुछ दिनों से उमेश के सिर पर लक्ष्मी को दोबारा पाने का भूत सवार हो गया था. वह लक्ष्मी पर लगातार दबाव बना रहा था कि वह अपने पति को छोड़ दे, अपना हंसता-खेलता घर उजाड़ दे और उसके साथ आकर शादी कर ले. लेकिन लक्ष्मी अब दो बच्चों की मां थी, वह अपनी बसी-बसाई गृहस्थी को तबाह नहीं करना चाहती थी. उसने उमेश के साथ भागने और शादी करने से साफ इनकार कर दिया.
बस, यही इनकार उमेश को बर्दाश्त नहीं हुआ और उसका प्यार पल भर में जानलेवा नफरत में बदल गया. बीते कल, उमेश लक्ष्मी से मिलने के बहाने अचानक उसके घर पहुंच गया. घर में लक्ष्मी और उसका पति मौजूद थे. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या उमेश की नीयत को भांप पाता, सिरफिरे उमेश ने अपनी जेब से तेजाब की बोतल निकाली और पूरे परिवार पर उड़ेल दी. इस तेजाबी हमले की चपेट में आकर लक्ष्मी, उसका पति और उसके दो मासूम बच्चे बुरी तरह झुलस गए. घर के भीतर चीख-पुकार मच गई. चारों तरफ चमड़ी जलने की बदबू और दर्द से कराहते बच्चों की आवाजें गूंजने लगीं. इस खौफनाक मंजर को अंजाम देने के बाद आरोपी प्रेमी उमेश कश्यप मौके से हंसते हुए फरार हो गया.
पुलिया के नीचे छिपा था आरोपी, पुलिस को देखते ही दाग दी गोली
वारदात की सूचना मिलते ही शेरगढ़ थाने की पुलिस के होश उड़ गए. पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आनन-फानन में रात के अंधेरे में ही चारों गंभीर घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया. इसके बाद शुरू हुआ आरोपी उमेश कश्यप की तलाश का काउंटडाउन. पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुट गईं. तभी मुखबिर से पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि आरोपी उमेश कश्यप गांव के बाहर ही एक सुनसान पुलिया के नीचे छिपा बैठा है और शहर से भागने की फिराक में है.
पुलिस ने बिना वक्त गंवाए जाल बिछाया और पुलिया को दोनों तरफ से घेर लिया. पुलिस टीम ने जैसे ही उसे सरेंडर करने के लिए ललकारा, उमेश ने खुद को फंसता देख पुलिस टीम पर ही सीधे अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इस अचानक हुए हमले में पुलिस का एक सिपाही, मोहम्मद नाजिम, हाथ में गोली लगने से लहूलुहान होकर गिर पड़ा.
पैर में लगी गोली, तो मांगने लगा रहम की भीख
एक सिपाही को गोली लगने के बाद पुलिस का पारा चढ़ गया. पुलिस ने भी ‘राइट टू सेल्फ डिफेंस’ में जवाबी फायरिंग की. पुलिस की तरफ से चली गोली सीधे बदमाश उमेश के पैर में जा धंसी. गोली लगते ही उमेश जमीन पर गिर पड़ा और लंगड़ाने लगा. खुद को खून से लथपथ और चारों तरफ से घिरा देखकर, जो सिरफिरा कुछ देर पहले एक परिवार पर तेजाब फेंककर अपनी बहादुरी समझ रहा था, वह घुटनों पर आ गया और पुलिस के सामने हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगने लगा. पुलिस ने मौके से आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा और कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. पुलिस ने घायल सिपाही मोहम्मद नाजिम और गोली से घायल आरोपी उमेश दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा है.
रिश्तों की मर्यादा टूटी, तो उजाड़ गया पूरा परिवार
इस पूरी घटना ने समाज के सामने एक बड़ा और गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है. लगातार बढ़ते इस तरह के अवैध संबंध और शादी के बाद भी पुराने रिश्तों को न छोड़ पाने की जिद आखिरकार किस मोड़ पर लाकर खड़ा करती है, यह घटना इसका जीता-जागता उदाहरण है. अगर समय रहते पुरानी बातों को भुलाकर दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गए होते, तो आज एक हंसता-खेलता परिवार अस्पताल के बेड पर जिंदगी और मौत की जंग न लड़ रहा होता.
फिलहाल, पुलिस तेजाबी हमले के आरोपी उमेश को अस्पताल से छुट्टी मिलते ही सलाखों के पीछे भेजने (जेल भेजने) की कानूनी तैयारी कर रही है. वहीं दूसरी तरफ, तेजाब के इस जानलेवा हमले में गंभीर रूप से झुलसी प्रेमिका, उसके पति और दोनों मासूम बच्चों की हालत अस्पताल में अब भी बेहद नाजुक और चिंताजनक बनी हुई है. पूरा गांव इस घटना के बाद से सदमे में है.





