Lucknow News: एक शॉकिंग और बेहद क्रूर हत्याकांड ने लखनऊ के रेलवे परिचालन को हिलाकर रख दिया है. लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 15114 के स्लीपर कोच में एक बॉक्स के अंदर महिला का सर कटा शव बरामद हुआ. शव के हाथ और पैर काटकर अलग-अलग पॉलीथीन बैग में पैक कर दूसरे बैग में रखे गए थे. घटना गोमती नगर रेलवे स्टेशन की है, जहां सोमवार सुबह ट्रेन पहुंचने के करीब 15 मिनट बाद सफाई कर्मचारियों ने स्लीपर बोगी S-1 में जबरदस्ती ठूंसा गया एक संदिग्ध बॉक्स देखा. बॉक्स पर खून के धब्बे दिखाई देने पर उन्हें शक हुआ और उन्होंने तुरंत रेल प्रशासन को सूचना दी. बॉक्स खोलते ही सभी हैरान रह गए. अंदर एक महिला का धड़ था, जिसका सिर धड़ से अलग किया जा चुका था.

शव कई टुकड़ों में बरामद
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव अपने कब्जे में लिया. जानकारी के अनुसार, महिला का शव कई हिस्सों में था- धड़ बॉक्स में, जबकि कटे हाथ और पैर कपड़ों के बीच पॉलीथीन बैग में बंद करके दूसरे बैग में रखे गए थे. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन प्रारंभिक जांच में अनुमान है कि महिला की उम्र 25 से 35 वर्ष के बीच है. GRP के अनुसार, शव करीब दो दिन पुराना है. गले पर गहरी चोट के निशान और रेतने के संकेत मिले हैं. आशंका है कि हत्या गला रेतकर की गई. महिला ने मौत से पहले काफी संघर्ष किया था, जिसके निशान शव पर मौजूद हैं.
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लखनऊ रेलवे जीआरपी के एसपी रोहित मिश्रा ने बताया, ट्रेन छपरा से गोरखपुर होते हुए गोमती नगर आई थी. रूटीन चेकिंग के दौरान सफाई स्टाफ को बॉक्स और बैग मिला. स्टेशन मास्टर को सूचना दी गई, जिसके बाद RPF और GRP ने कार्रवाई की. बॉक्स में धड़ और बैग में कटे हाथ-पैर मिले. सिर न होने के कारण शव की पहचान अभी नहीं हो पाई है. मामले में अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है और जांच के लिए तीन अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं.
थावे स्टेशन पर शक, 20 स्टेशनों की जांच
ट्रेन छपरा से लखनऊ गोमती नगर तक लगभग 20 स्टेशनों से गुजरती है. जीआरपी को सबसे ज्यादा शक बिहार के थावे स्टेशन पर है, जहां यह ट्रेन करीब आधे घंटे रुकती है. संभावना जताई जा रही है कि शव वाला बॉक्स इसी स्टेशन पर ट्रेन में रखा गया होगा. सभी स्टेशनों की CCTV फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस पूरे रूट पर गहन छानबीन कर रही है. शव की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट और अन्य फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी. यह घटना रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है.





