Rae Bareli News: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां ने ही ममता का गला घोंट दिया. जिले के सरेनी थाना क्षेत्र के चिंता खेड़ा गांव में एक महिला द्वारा अपने ही मासूम बेटे और बेटी को खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस अमानवीय घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग अपनी गहरी नाराजगी जता रहे हैं.

मिली जानकारी के अनुसार, यह वायरल वीडियो बीती रात का बताया जा रहा है. आरोप है कि चिंता खेड़ा गांव की रहने वाली विमला नाम की महिला किसी बात को लेकर अपने बच्चों से बेहद नाराज थी. इस नाराजगी में वह इतनी अंधी हो गई कि उसने अपने ही मासूम बेटे और बेटी को घर के बाहर एक खंभे से बांध दिया और उनकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी.
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों मासूम बच्चे खंभे से बंधे हुए डर के मारे रोते-बिलख रहे हैं और रहम की भीख मांग रहे हैं, जबकि महिला उन पर लगातार चिल्ला रही है और उन्हें डांटते-मारते दिख रही है. बच्चों की चीख-पुकार और रोने की आवाज सुनकर आसपास के कई ग्रामीण मौके पर जमा हो गए. हालांकि, महिला के गुस्से को देखकर किसी ने भी बीच-बचाव करने या बच्चों को छुड़ाने की हिम्मत नहीं दिखाई. इसी बीच भीड़ में मौजूद किसी शख्स ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है.
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तालिबानी सजा पर लोगों का फूटा गुस्सा
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही यूजर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. लोग महिला के इस क्रूर कृत्य की तुलना तालिबानी सजा से कर रहे हैं और आरोपी मां के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. समाजशास्त्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों के साथ इस तरह की हैवानियत किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है. अनुशासन सिखाने के नाम पर मासूमों को खंभे से बांधकर प्रताड़ित करना न सिर्फ एक गंभीर अपराध है, बल्कि इससे बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर ताउम्र के लिए गहरा और बुरा असर पड़ सकता है.
पुलिस ने लिया संज्ञान, जांच शुरू
मामले की गंभीरता और बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए सरेनी थाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है. पुलिस ने वायरल वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की छानबीन शुरू कर दी है. स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सबसे पहले वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है. इसके साथ ही पुलिस की एक टीम बच्चों के बयान दर्ज करने और ग्रामीणों से पूछताछ करने के लिए गांव का दौरा करेगी. अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपी महिला के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल प्रशासन पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भारी दबाव है.





