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गोरखपुर में मैगी-तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के 11 लोग बीमार, 9 जिला अस्पताल में भर्ती

गोरखपुर। बेलीपार थाना क्षेत्र के मलांव गांव में फूड प्वाइजनिंग का एक बड़ा मामला सामने आया, जहां एक ही परिवार के 11 लोग मैगी और तरबूज खाने के बाद अचानक बीमार हो गए। हालत गंभीर होने पर 9 मरीजों को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

गोरखपुर में मैगी-तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के 11 लोग बीमार, 9 जिला अस्पताल में भर्ती
गोरखपुर में मैगी-तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के 11 लोग बीमार, 9 जिला अस्पताल में भर्ती

यह है पूरा घटनाक्रम

जानकारी के अनुसार, मलांव गांव स्थित परिवार के सदस्यों ने सबसे पहले मैगी खाई। इसके कुछ ही देर बाद गांव में साइकिल से तरबूज बेचने आए एक फेरीवाले से तरबूज खरीदकर सभी ने उसका सेवन किया। रात होते-होते एक-एक कर सभी को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई। कुछ मरीजों को सांस लेने में भी गंभीर दिक्कत होने लगी, जिससे पूरे परिवार में अफरा-तफरी मच गई।

ये हुए फूड प्वाइजनिंग का शिकार

फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए लोगों में बैजनाथ पाण्डेय, अमरनाथ पाण्डेय, शैल कुमारी, अंशु पाण्डेय, पूर्णिमा पाण्डेय, वेदांत पाण्डेय, हन्नू पाण्डेय, नेहा पाण्डेय, जगदीश दुबे और सौरभ त्रिपाठी समेत कुल 11 लोग शामिल हैं। सभी मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए सबसे पहले कौड़ीराम स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां हालत में सुधार न होने और स्थिति गंभीर बनी रहने पर डॉक्टरों ने 9 लोगों को तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

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डॉक्टरों का बयान: फिलहाल स्थिर है हालत

जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, भर्ती सभी 9 मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है और उनका इलाज लगातार जारी है। अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया, जिला अस्पताल में कुल 9 मरीज भर्ती हैं। सभी का इलाज किया जा रहा है और हालत फिलहाल स्थिर है। चिकित्सकों की टीम कल उक्त गांव जाकर जांच करेगी और रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग गांव में करेगा जांच

घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग की एक विशेष टीम मलांव गांव का दौरा कर वहां उपलब्ध खाद्य पदार्थों, विशेषकर मैगी और तरबूज के नमूने एकत्र कर जांच करेगी, ताकि फूड प्वाइजनिंग की असली वजह का सटीक पता लगाया जा सके। इस घटना ने गांव में खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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