करिश्मा कपूर के पूर्व दिवंगत पति संजय कपूर की संपत्ति विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। एससी ने संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव और उनकी मां को भी नसीहत दी है।

रानी कपूर और प्रिया कपूर के बीच चल रहे इस पारिवारिक विवाद पर सुनवाई करते हुए जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने कहा कि वह मामले में जारी मध्यस्थता का मामला कहां तक पहुंचा, इसकी भी समीक्षा करना चाहती है।
कोर्ट ने रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड (RIPL) की बोर्ड मीटिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि कोर्ट ने साफ किया कि बैठक में दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति और बैंक खातों के सिग्नेटरी बदलने जैसे मुद्दों पर चर्चा नहीं होगी।
कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा, “हम पहले ही मध्यस्थ से बातचीत की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध कर चुके हैं। फिलहाल हम विपक्षी पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे मध्यस्थता प्रक्रिया सीधे प्रभावित हो। हम बार-बार कह चुके हैं कि सभी पक्षों के हित में यही होगा कि इस विवाद को खत्म किया जाए, वरना यह लंबी कानूनी लड़ाई बन जाएगी।”
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विवाद को खत्म करने की दी नसीहत
को समझाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इस संपत्ति से जुड़े विवाद सुलझाने की सलाह दी और रानी कपूर की बढ़ती उम्र का जिक्र करते हुए कहा, “वह 80 साल की महिला हैं। हम सब खाली हाथ आए हैं और खाली हाथ ही जाना है। आखिर में हमारे साथ सिर्फ हमारी आत्मा जाती है। इस मामले को सुलझाने की इच्छा होनी चाहिए। सिर्फ इसलिए भारी मन से मध्यस्थ के सामने मत जाइए कि कोर्ट ने कहा है। आप सभी को कोशिश करनी चाहिए।”
क्या है मामला?
संजय कपूर की मां रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में आरोप लगाया है कि ‘आरके फैमिली ट्रस्ट’ के जरिए उनकी संपत्ति और हिस्सेदारी उनसे छीन ली गई। उनका कहना है कि बिना जानकारी के उनकी शेयरहोल्डिंग ट्रस्ट में ट्रांसफर कर दी गई और बहू प्रिया कपूर को फायदा पहुंचाया गया।
रानी कपूर ने यह भी कहा कि 2017 में स्ट्रोक आने के बाद उनकी हालत का फायदा उठाकर उनसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए। संजय कपूर की मौत के बाद यह पारिवारिक विवाद और बढ़ गया।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने परिवार को सलाह देते हुए कहा कि लंबी कानूनी लड़ाई का कोई फायदा नहीं है। वहीं दिल्ली हाई कोर्ट पहले ही को संपत्तियों पर तीसरे पक्ष का अधिकार बनाने से रोक चुका है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट पहले भी कपूर परिवार के इस विवाद की तुलना महाभारत से कर चुका है।





